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Tag: World Book Fair

व्यंग्य : यक्ष इन पुस्तक मेला

दिल्ली का पुस्तक मेला समाप्त हो चुका था, धर्मराज युधिष्ठिर हस्तिनापुर के अलावा इंद्रप्रस्थ के भी सम्राट थे। अचानक यक्ष प्रकट हुए, उन्होंने सोचा कि चलकर देखा जाये कि धर्मराज अभी भी वैसे हैं या बदल गए जैसे कि मेरे सरोवर का जल पीने के समय थे। युधिष्ठिर से मिले, कुशल क्षेम हुई, उन्होंने यक्ष […]

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