मेकिंग इंडिया साप्ताहिकी

जीवन के सप्त रंग, मेकिंग इंडिया के संग

जा वे सजना… मैं नईं करना तेरा एतबार…

पहाड़ी प्रेमाकांक्षी इकतरफ़ा होते हैं। जिनमें प्रेमी सदा समुंदर के तटीय मैदानी परदेस से आते तो हैं और प्रेमिका के दिल मे देस भी बसाते हैं फिर रुत बदलते ही

Read More

प्रेम : कपूर टिकिया सा, जो ख़ुद अपनी गन्ध बिसरा के स्वयं बिसर जाए

प्रेम कोई कथ्य नहीं कोई विचार नहीं जिसे साझा किया जाए शब्दों में कभी कभी लगता है कि प्रेम अहसास भी नहीं. क्योंकि कैसे ही इसे महसूस करना शुरू करो

Read More

तुम्हारा दिल या हमारा दिल है…

प्रतीक्षा चिरनिरन्तर है. वह प्रतीक्षा ही कैसी जो विरत हो जाये? प्रतीक्षा प्रारंभ होती है कभी समाप्त नहीं होने के लिए! प्रतीक्षा रोती है कलपती है लेकिन थकती नहीं! प्रतीक्षा

Read More
error: Content is protected !!