एक विवाह ऐसा भी

विवाह को न जाने क्यूं हमारे यहाँ सिर्फ रस्म से जोड़ लिया गया है, विवाह एक भाव है कि जब भी दो चेतनाएं मिल कर अपना वर्तुल पूरा करेंगी विवाह घटित होगा… ये विवाह दो चेतनाओं के बीच की बात है. वैसे ही हर वो भाव जो चेतनाओं के साथ … Continue reading एक विवाह ऐसा भी