समुद्र मंथन : शुभ-अशुभ हमारी धारणा है, प्रकृति की नहीं

दो विपरीत विचार स्वभाव के समूह देव और दैत्यों के सहयोग से, समुद्र में विपरीत धारायें उत्पन्न की गईं, जिससे कई रत्नों के साथ अमृत पाया गया। गुण अवगुण, सभी प्रकृति में उपयोगी होते हैं। प्रकृति गुण अवगुण के सम्मिलन से ही बनी है। विपरीत के अभाव में अस्तित्व को … Continue reading समुद्र मंथन : शुभ-अशुभ हमारी धारणा है, प्रकृति की नहीं