माँ की रसोई से : गिलकी की झिलमिल रेसिपी

माँ मेरी अक्सर पीठ पर एक धोंक जमा देती, ‘नखीत्री’! ससुराल जाकर हमारा नाम ऐसे रोशन करेगी… चने की दाल और तुअर की दाल में फर्क नहीं पता!! तुरई और गिलकी कितनी तो अलग दिखती है… जिसमें कांटे वाले छिलके होते हैं वो तुरई होती… ऐसे माँ कितना भी मार … Continue reading माँ की रसोई से : गिलकी की झिलमिल रेसिपी