मानो या ना मानो – 5 : इच्छापूर्ति के लिए कायनाती षडयंत्र

बात उन दिनों की है जब फैशन डिजाइनिंग का शौक चढ़ा था… अधिकतर ड्रेस मैं अपने हाथों से बना लेती थी, बात शायद 2002 के आसपास की होगी, विचार आया था कि अपने इस शौक को क्यों न प्रोफेशनल रूप में सीखकर करियर बना लूं, तो उन दिनों NIFT में … Continue reading मानो या ना मानो – 5 : इच्छापूर्ति के लिए कायनाती षडयंत्र