मेकिंग इंडिया

जीवन के सप्त रंग, मेकिंग इंडिया के संग
आधुनिक भोजन पसंद करने वाले बच्चों की माँओं के लिए पारंपरिक टिप्स

बच्चों के लिए दिन में एक समय सम्पूर्ण भोजन यानि दाल चावल सब्ज़ी रोटी अनिवार्य होना चाहिए, बात रात के भोजन की आए तो कभी-कभी सब्ज़ी रोटी खाने से कतराने वाले और पिज्ज़ा, बर्गर और नूडल्स वाली संस्कृति के बीच पलने वाले बच्चों को आधुनिक भोजन के साथ उसके नुकसान से बचाने के लिए हम माँओं को क्या क्या तरकीब निकालना पड़ती है देखिये…

चित्र में यूं तो आपको यह नूडल्स दिखाई दे रहा होगा परन्तु यह सूजी की सेवैंया को नूडल्स की तरह बनाया गया है, जिसमें ना कोई सॉस है ना ज़हर भरा अजीनोमोटो या उसका मसाला… फिर भी बच्चे शौक से खाते हैं.

पिछले एक वर्ष से मैंने बच्चों को सॉस नहीं खिलाया, एक बार उनका मन रखने के लिए छोटा सा पाउच ले आई थी, लेकिन अब वे खुद ही मना कर देते हैं, पता है क्यों? क्योंकि सॉस के पाउच में से निकली इल्ली उन्होंने अपनी आँखों से देखी है, और वैसे भी वे आंवले से बना मीठा जैम इतने शौक से खाते हैं कि उन्हें सॉस की अब याद ही नहीं आती. आंवले का जैम बनाने की विधि मैं आगे बताऊंगी.

पहले यह जान लीजिये कि अमूमन बच्चे बैंगन पसंद नहीं करते, तो जब पोहा बनाती हूँ तो उसमें बैंगन या गोभी (मौसम में) और आलू को बारीक काटकर डाल देती हूँ, उन्हें पता भी नहीं चलता… मटर भी मौसमी वर्ना अपने मूंगफली दाने तो है ही…. ध्यान रखें त्रयोदशी के दिन बड़ा बैंगन खाना वर्जित है.

हमारे यहाँ केक भी आटे से बनता है,

परांठे कोई भी सब्ज़ी उबालकर आटे के साथ गूंथकर बनाइये…

सूखे आंवले के साथ दोगुनी मिश्री पीसकर रख लीजिये और उन्हें स्वादिष्ट चूरण खिलाइए या फिर मेरे हाथ का बना मिर्चन तो है ही, मिर्चन बनाने की विधि भी आगे लिंक में दे रही हूँ.

पीसी अलसी में थोड़ा भूंजा जीरा, हींग, कलौंजी, अजवाइन, नमक अमचूर हल्दी मिर्ची आदि मिलाकर स्वादिष्ट चाट मसाला बनाकर रखिये, जब भी सब्ज़ी खाने से कतराए, इसी को थोड़े घी के साथ रोटी परांठे पूड़ी पर चुपड़ कर खिला दीजिये, शौक से खाएंगे और आपके बाज़ार के अजीनोमोटो वाले मैगी जैसे मसालों की आदत छूट जाएगी.

और खाना हमेशा पीतल या कांसे की थाली में, इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

आपके लिए शायद मुमकिन ना होगा परन्तु मेरे घर में तो फ्रिज अब अलमारी हो चुका है उसका उपयोग पूरी तरह से बंद है और खाना हमेशा मिट्टी और लोहे के बर्तन में बनता है. आप फ्रिज बंद नहीं कर सकते तो कम से कम उसमें गूंथा हुआ आटा न रखें, दूसरा, कोई भी वस्तु फ्रिज की उपयोग करना है तो कम से कम एक घंटे पहले निकाल कर रख दें.

मिट्टी के बर्तन में खाना पकाना मुमकिन न हो तो अपने किसी भी बर्तन में खाना पकाकर उसे मिट्टी के बर्तनों में निकालकर रख दें. या फिर उसमें तुलसी का एक पत्ता डाल दें, या फिर कांच या चीनी मिट्टी के बर्तन में निकाल दें. उसे एल्यूमिनियम या स्टील या प्लास्टिक में ना रखें.
मिट्टी कांसा पीतल नहीं है तो उनकी थाली में पत्तल बिछा दें.

दूध देसी गाय का दें, उसमें बाज़ार का चॉकलेट पाउडर डालने के बजाय दूध के लिए घर में मसाला बनाकर पिलाइए. यह चाय मसाले जैसा ही होता है. चाय मसाला के लिए काली मिर्च, उससे आधी सौंठ, इलायची, दालचीनी और थोड़ी सी पीपरामूल मिलाकर पीस लीजिये और इसे दूध में डालिए. इसे आप चाय में भी डाल सकते हैं. बच्चों के लिए इसमें सूखे मेवे और केसर मिला सकते हैं. दूध देसी खांड या मिश्री से मीठा करें.

ब्रेड अमूमन अब मैं नहीं खिलाती, परन्तु कभी घर में ब्रेड आई है तो उसका स्वादिष्ट पिज्ज़ा बनाकर खिलाती हूँ, उद्देश्य है उनके शरीर में ब्रेड के साथ अधिक से अधिक सब्ज़ियाँ जाएं, ताकि मैदा उनकी आंत में चिपके नहीं. ब्रेड पिज्ज़ा की विधि भी नीचे दे रही हूँ.

देखिये जिन वस्तुओं की आदत हमने उन्हें डाली है उनको छुड़ाना भी आपके हाथ में ही है, आप नहीं बनाएंगे तो उनकी स्मृति से धीरे धीरे वो चली जाएगी.

इतना भी कर पाएं तो समझिये आपके बच्चे न सिर्फ खतरनाक रोगों से कोसों दूर हैं, बल्कि उनकी बौद्धिक क्षमता और ऊर्जा भी बढ़ेगी. क्योंकि आपने उनकी रोग हरिणी शक्ति को आपने जागृत कर दिया है…

गुलामी किसी भी वस्तु की ठीक नहीं चाहे आधुनिक जीवन शैली की गुलामी ही क्यों न हो… आइये एक स्वतंत्रता संग्राम इस आधुनिक जीवन शैली के विरूद्ध प्रारम्भ करें. और सनातन जीवन शैली की ओर लौट चलें, अभी भी देर नहीं हुई है.

  • माँ जीवन शैफाली

आंवले का जैम – आंवले को उबालकर उसकी फांक बीज से अलग कर दें.
फिर आंवले को किसी कांच की बरणी में डालकर ऊपर तक देसी खांड या मिश्री से भर दें,
दो तीन दिन बाद जब खांड पिघल जाए तो आंवले उसमें से निकालकर सूखा लें, जो आंवला कैंडी बन जाएगी और चाशनी को तब तक उबाले जब तक वह जैम या सॉस की तरह गाढ़ा न हो जाए. आप बच्चों की रूचि के अनुसार उसमें इलायची या दालचीनी पाउडर सौंठ काली मिर्च वगैरह डाल सकते हैं, वर्ना यूं भी यह बहुत स्वादिष्ट लगता है.

ब्रेड पिज्ज़ा – पत्ता गोभी (मौसमी), शिमला मिर्च (मौसमी), प्याज़, टमाटर बारीक काट लें, उसमें थोड़ी सी सूजी और मलाई मिला दीजिये, सेंधा नमक, हरा धनिया मिलाकर आधे घंटे के लिए रख दें, अब इसे ब्रेड पर पर लगाकर तवे पर गाय के शुद्ध घी में दोनों तरफ से सेंककर, घर के बने टमाटर सॉस के साथ खिलाइए. जिस तरफ यह मसाला लगाएं उसे अधिक समय के लिए सेकें.

विशेष टिप : छोटे बच्चों के कफ के लिए – एक चने के दाने बराबर भूना सुहागा और एक चौथाई मुलेठी पाउडर शहद में डालकर देने से कफ निकल जाता है.

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बालों के लिए तेल – 120 ml – 150 rs
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त्रिफला – 100 gm – 150 rs
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अलसी का मुखवास – 100 gm – 100 rs
अलसी चाट मसाला- 150 gm – 100 rs
कब्ज़ के लिए मिरचन – 150gms – 100 rs
चाय मसाला – 100gm – 200 rs
गरम मसाला – 100gm – 200rs
सहजन पत्तियां कैल्शियम के लिए – 50 gm – 100 rs

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