माँ की रसोई से : गिलकी की झिलमिल रेसिपी

माँ मेरी अक्सर पीठ पर एक धोंक जमा देती, ‘नखीत्री’! ससुराल जाकर हमारा नाम ऐसे रोशन करेगी… चने की दाल…

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नायिका -5 : ये नये मिजाज़ का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो

अभी तक आप मिले मुझसे यानी सूत्रधार से, और पढ़े नायक और नायिका के एकदूसरे को लिखे ख़त…. …..बिल्कुल …आपकी…

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ए माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी

भैया.. मां कैसी दिखती होगी.. क्या तुझे याद है”? ‘भैया.. मां होती तो कितना अच्छा होता ना.. यूं खाना खाने…

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Jungle Book : चिकचिक की पढ़ाई आई काम, वर्ना शेरसिंह का होता काम तमाम

कल रात से चंपकवन के राजा शेरसिंह का कुछ अता पता नहीं था। रानी शेरनी ने बताया कि शेरसिंह कल…

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मानो या ना मानो : भैरव का आह्वान और प्रकटीकरण

गढ़वाल से होने के कारण ढोल दमाऊ हमारी संस्कृति की विशेषता है। देवी देवता आते हैं। मुझे कभी विश्वास नहीं…

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