नेप्ट्यून से परे एक ‘महापृथ्वी’ : जो नवाँ होगा और नवा भी

पुराने बच्चों को स्कूल में नौ ग्रह पढ़ाये गये; आज-कल के बच्चे आठ पढ़ते हैं. जो थोड़े अधिक कुतूहली हैं,…

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ध्यान का ज्ञान : इस ज़मीं से आसमां तक मैं ही मैं हूँ, दूसरा कोई नहीं

मैं अहंकारी हूँ, तुम भी अहंकारी हो और वो भी… निरपवाद रूप से सभी अहंकारी हैं… ऐसा भी नहीं कि…

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जब मशीनें करेंगी हमारा काम, और हम करेंगे चेतना की खोज : सद्‌गुरु

इस बार सद्‌गुरु हमें उस दिन के बारे में बता रहे हैं, जब हमारे सभी काम मशीनों द्वारा होंगे और…

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प्रेम की भिक्षा मांगे भिखारन : कान्हा देख तेरी गोपियाँ तड़प रहीं…

कहते हैं विधवाएं हैं, परित्यक्ता हैं, सताई हुईं, बेघर, बच्चों ने घर से निकाल दिया या खुद ही बच्चों के…

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