नायिका -12 : मांग कर मैं न पीयूँ, ये मेरी ख़ुद्दारी है, इसका मतलब ये नहीं, कि मुझे प्यास नहीं

सूत्रधार – दो अंक पहले नायक नायिका का अंतिम संवाद कुछ यूं था कि नायिका किसी से झगड़कर खराब मूड…

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टोपी शुक्ला : यह उपन्यास अश्लील है, जीवन की तरह!

भूमिका – मुझे यह उपन्यास लिख कर कोई ख़ास खुशी नहीं हुई. क्योंकि आत्महत्या सभ्यता की हार है. परन्तु टोपी…

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तदबीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले, अपने पे भरोसा है तो एक दांव लगा ले

हौसलों के पंख होते हैं, पैर नहीं। वो जब ठन जाता है, तो कोई आसमान उसकी पकड़ से बच नहीं…

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Me Too : महत्वाकांक्षा की सिद्धि के लिए आरोप-प्रत्यारोप का खेल

ऐसे विषयों पर लिखना आग से खेलने जैसा है, क्योंकि इन मुद्दों पर छान-बीन से पूर्व निष्कर्ष पर पहुँचने का…

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मानो या ना मानो : यह महफिल है मस्तानों की, हर शख्स यहाँ पर मतवाला

वेद में एक बहुत ही सुन्दर मंत्र है – “कस्मै देवाय हविषा विधेम”. ऋषियों के सम्मुख एक बहुत बड़ा प्रश्न…

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विश्व के प्रत्येक पदार्थ के मध्य यन्त्र है और उस यन्त्र के मध्य भी यन्त्र है

सृष्टि के सभी जड़-चेतन पदार्थों का स्थूल, सूक्ष्म एवं कारण धरातलों पर जो रूपायन होता है, उसका मूल सूत्रधार है–…

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इनबॉक्स बनाम कन्फेशन बॉक्स : ये दुनिया आभासी नहीं आभा-सी है

बचपन में दूरदर्शन पर एक टीवी सीरियल या फिल्म देखी थी, अब याद नहीं कि सीरियल था या फिल्म लेकिन…

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