मानो या ना मानो : खजाने के रखवाले या मार्गदर्शक तीन बाबा

ये हैं सुशील जी उर्फ पिल्लू और उनके सुपुत्र रोहित. ये दोनों घरों में पुताई का काम करते हैं, जब…

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हे री सखी मंगल गावो री, धरती अम्बर सजावो री, आज उतरेगी पी की सवारी

व्यवस्था चाहे आध्यात्मिक हो या सामाजिक… जब जब व्यवस्था और प्रेम में से किसी एक को चुनने का मौका आया…

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पुस्तक समीक्षा : ककनमठ, एक ऐतिहासिक प्रेम कहानी

ऐतिहासिक पुरातत्विक पृष्ठभूमि पर आधारित इस उपन्यास में भारत के अंधकार-पूर्ण काल-खण्ड को कथांकित किया गया है। सम्राट हर्षवर्धन के…

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प्रेम पत्र : इश्क़ की दास्तान है प्यारे, अपनी-अपनी ज़बान है प्यारे

ये नहीं कि मैं बिना बात किए नहीं रह सकता. रह सकता हूँ. सिर्फ ये एहसास ही काफी होता है…

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एक थी अमृता : मेरी सेज हाज़िर है, पर जूते-कमीज़ की तरह तू अपना बदन भी उतार दे

आत्ममिलन मेरी सेज हाज़िर है पर जूते और कमीज़ की तरह तू अपना बदन भी उतार दे उधर मूढ़े पर…

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मानो या ना मानो : साक्षात माँ काली से बातें करता है वह!

आठ साल बाद हरेन्द्र फिर से मेरी ज़िंदगी में अचानक से आ गया है. दो-तीन दिन पहले मुझसे मिलने ग्वालियर…

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