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अर्जुन – 2 : गुनाहों का देवता है हर पात्र



बंधु, प्रेम एक शहर से दूसरे शहर में बाय रोड जाने के लिए बनाए गए टोल टैक्स के स्टोपेज है क्या? परमात्मा तक पहुँचने के लिए तो सारे रास्ते खुले है लेकिन ये बताओ ये परमात्मा कहाँ से आ गए बीच में. हम तो नायिका की बात कर रहे थे ना.

यार एक स्त्री और पुरुष के बीच कोई सम्बन्ध बताना हो तो जीवन की समग्रता को उसके सारे पहलुओं को भी स्वीकार करना होगा ना. विपरीत के प्रति दैहिक आकर्षण से प्रेम प्लेटोनिक या आध्यात्मिक नहीं रह पाता ये किस किताब में लिखा है?

और साला ये भी किस किताब में लिखा है कि स्त्री और पुरुष को विपरीत लिंगी बताया जाए…. उन्हें एक दूसरे के पूरक कहा जाना चाहिए ना कि विपरीत. क्योंकि यहाँ हर कोई अपने आधे टुकड़े की तलाश में ही भटकता हुआ नज़र आता है…” – ‘उसने’ तर्क... Read More

 

वैद्य राजेश कपूर : जानिये कैसे सिर्फ पानी और भोजन के सही तरीकों से दूर होती हैं बीमारियाँ

रोग हारिणी शक्ति, अस्तित्व की ऊर्जा का जादू, आधुनिक जीवन में हमारे द्वारा उपयोग में लाई जा रही चीज़ें जैसे साबुन, शैम्पू, टूथ पेस्ट का दुष्परिणाम, ध्यान का महत्व, जीवन शैली में प्रकृति का जुड़ाव, जैसी कई बातें उनके वीडियो से प्रामाणिक प्रयोग के माध्यम से जानने को मिलेगी.

हम आधुनिक जीवन शैली के गर्त में गिरते हुए खुद को मृत्यु के मुंह में धकेल रहे हैं, जबकि हमारी प्राचीन जीवन शैली हमें स्वस्थ जीवन जीते हुए भी आध्यात्मिक यात्रा की ओर उन्मुख करे रहती है.

आचार्य राजेश कपूर के एक वीडियो में उन्होंने कहा था - "बस सोचने भर से सब हो जाता है… आप जैसा सोचते जाएंगे आपका जीवन वैसा होता चला जाएगा." जिसे आप सकारात्मक सोच का जादू कहकर पढ़ते आए हैं, अब पढ़ना छोड़ इसे जीना शुरू कर दीजिये, इस बारे में सोचना शुरू कर दीजिये क्योंकि सच में सिर्फ़ सोचने भर से सब हो जाता है, और इस जादू की मैं साक्षी हूँ. क्योंकि.... Read More

ज्योतिषाचार्य राहुल सिंह राठौड़ : ज्योतिष शास्त्र और स्वप्न जगत के संदेशों का रहस्य



ज्योतिषाचार्य राहुल सिंह राठौड़ से मेरा परिचय बहुत योजनाबद्ध तरीके से हुआ है, जिसके बाद हमारी मुलाकात होना तय थी, सो हुई। हालांकि हमारे स्वभाव और ज्ञान में धरती आकाश का अंतर है। वे ज्योतिष के इतने बड़े ज्ञाता हैं कि वे हर घटना का सटीक ज्योतिषीय आंकड़ा दे कर अस्तित्व की इतनी चमत्कारी व्यवस्था के प्रति नत मस्तक होते रहते हैं। और मैं ऐसी हर घटना के पीछे का गणित न खोजते हुए बस आँखों के सामने चल रहे चमत्कार पर अभिभूत होकर अस्तित्व के प्रति कृतज्ञता से भरी रहती हूँ।
ध्यान बाबा ने मुझे अपने आध्यात्मिक ज्ञान के बल पर बहुत पहले ही बता दिया था कि यह आपका अंतिम जन्म है और आप इसी जन्म में मोक्ष को प्राप्त होंगी, उसी बात की पुष्टि करते हुए हमारी मुलाकात पर मेरी कुण्डली के आधार पर राहुल सिंह ने बताया था कि चूंकि यह आपका अंतिम जन्म है इसलिए आपके जीवन में भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर बहुत सारी घटनाएं और परिवर्तन बहुत जल्दी जल्दी होंगे।
और इस बात की मैं साक्षात गवाह हूँ क्योंकि... Read More

 

#AskAmma : इतने भयंकर Viral Infection में भी Antibiotic नहीं ली, क्यों?



ठीक है ले लेती हूँ आपके कहने पर, लेकिन एक बार आप अपने मुंह से कह दीजिये कि स्वामी राम ने अपनी पुस्तक में जिस रोगहारिणी शक्ति के बारे में बताया है वह झूठ है, कह दीजिये आपने पिछले हफ्ते के अवकाश में मुझे Dr BM Hegde का वीडियो दिखाकर मेरे जीवन के अमूल्य ढाई घंटे बर्बाद कर दिए, Quantum Healing और Quantum Doctors की अवधारणा ही गलत है, गन्धर्व आयुर्वेद जैसा कुछ नहीं होता, कोई राग वाग के आधार पर रोग दूर नहीं होते, इससे तो मैं ढाई घंटे की मेरे पसंदीदा हीरो की कोई फिल्म देख लेती, देखो बेचारा अक्षय मेरे देखे देखे कित्ता बुड्ढा हो चला है…. कह दीजिये डॉ आलोक भारती की “चल हट तुच्छ बीमारी कहीं की” जैसा कोई जादू नहीं होता…. Read More

****भारत के चमत्कारी किस्से ****

मानो या
ना मानो :
चन्दन-वर्षा




इश्क़ जब उम्र का चोला सिलता है तो उसमें मिलन की झालर में लगे तुरपाई के तंतु इतने संवेदनशील हो जाते हैं कि चेतना तक पैरहन के लिए लालायित हो जाती है। आप मानो या ना मानो लेकिन ये ऐसी ही इश्क़ की कहानी है कि मृत्यु के पश्चात भी वो आशिक़ से मिलने आती है, उससे बात करती है और मुझे गवाह बनाती है। मैं नहीं जानती मैं उनके इश्क़ की कहानी के साथ कितना न्याय कर पाती हूँ, लेकिन जितना इस सत्य घटना से रूबरू हुई हूं, कृतज्ञ हूँ कि उसने मुझे चुना अपनी प्रेम कहानी को लोगों तक पहुँचाने के लिए। माँ के नव रूपों का आशीर्वाद है उस पर, तो मेरे लिए माँ ही है, लेकिन उसके पहले वो इश्क़ है और उस दुनिया के साथ इस दुनिया को जोड़े रखने के लिए मुझे माध्यम चुना है। मेरे पास शब्द नहीं थे उसकी कहानी को माला में पिरोने के लिए, एमी माँ (अमृता प्रीतम) तो सिद्धहस्त हैं ऐसी कहानियाँ लिखने में, मैं खाली झोली फैलाए एमी माँ से प्रार्थना करती रही कि अपनी विरासत से एक मुट्ठी अक्षर मेरे नाम कर दे… मेरी कलम तुम्हारी तरह रूहानी नहीं, मुझमें संसार अधिक है, जीवन अधिक है… लेकिन फिर रूह के बिना कलम में जीवन भी कहाँ से आएगा?
शायद उसके अंदर भी मेरी तरह जीवन... Read More

***भारत के पौष्टिक भोज्य पदार्थ***

भोजन थाली से गायब सेंधा नमक और अजीनोमोटो की सेंध




एक समय था जब भारत की पारंपरिक रसोई में सिल बट्टे पर मसाले पीसते समय खड़ा नमक डाला जाता था. काला नमक और सेंधा नमक तो उपवास में खाया जाने वाला नमक था यानी इतना शुद्ध कि नमक खाने से भी व्रत ना टूटे. फिर अचानक से वैश्वीकरण की चकाचौंध में हमें अपनी ही रसोई का नमक आयोडीनहीन बता दिया गया और फिर जो नमक रुपये दो रुपये में आ जाता था उसमें न जाने कहाँ से अलग से आयोडीन मिलाकर महंगे दामों में बेचा जाने लगा.
बात यहीं तक रुकती तो भी ठीक था उसके बाद विदेशी खानों के साथ प्रवेश हुआ अजीनोमोटो नामक विषैले पदार्थ का. बीच में इसके विरोध में खूब हल्ला हुआ था, लेकिन यही हल्ला मचाने वाले युवा घर के बाहर Just For A Change के नाम पर चायनीज़ ठेले से लेकर फाइव स्टार होटल में खूब अजीनोमोटो खा रहे हैं… और फिर एक उम्र के बाद डॉक्टर के पास जाते हैं कभी थाइरोइड को लेकर, कभी मोटापे को लेकर कभी हाई बीपी के नाम पर, घुटने का दर्द, कमर में दर्द, और ज़माने भर की बीमारियाँ…. फिर लाख आप आधुनिक जीवन शैली रूपी विलेन के सामने गिड़गिड़ाते रहे- सरदार मैंने आपका नमक खाया है… और वो यही कहेगा .... Read More

स्वास्थ्य मतलब स्वयं में स्थित, जब आप स्वयं में स्थित हो जाते हैं तो बाहरी चीज़ें आपको प्रभावित नहीं करती... यानी एक तरह से स्थितप्रज्ञ होने की राह भी यहीं से जाती है... तो इस बार का यह ऑडियो कुछ ऐसी ही बातों का लेखा जोखा है... पिछले वर्ष 10 किलो वज़न कम करने के बाद जो मैंने अपने शरीर पर नियंत्रण पाया है तो वज़न बढ़ाना और घटाना मेरे बाएं हाथ का खेल हो गया है... आप भी कर सकते हैं... कैसे इसके लिए यह वीडियो देखें. - - माँ जीवन शैफाली

शताब्‍दियों में एक पैदा होती हैं

जीजाबाई जैसी स्‍त्रियां

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महापुरूष यूं ही नहीं बनते हैं। राष्‍ट्रपुरूष बनने के लिए तप व साधना की आवश्‍यकता होती है, लक्ष्‍य हेतु सर्वस्‍व अर्पित करने की आवश्‍यकता होती है, जैसे जीजाबाई ने किया।

जब एक तरफ यह नैरेटिव बहुत ही महीन धागों से बुना जा रहा था कि भारत में महिलाओं की स्‍थिति बहुत ही... READ MORE

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