इतिहास के पन्नों से : उमर ख़य्याम, एक आशिक़ की कहानी ऐसी भी!

ये ग्यारहवीं सदी की बात है। उनदिनों इस्लाम पर “अब्बासी” वंश की ख़लीफ़ाई थी। एक रोज़, ख़लीफ़ा के दरबार की…

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तरानों से झांकते प्रेमप्रश्न

तरानों का संसार प्रेमियों का प्रकाश-लोक है. एक ऐसा लोक, जहाँ उनके सभी प्रश्नों के काव्यात्मक उत्तर रहते हैं. मसलन,…

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रुद्राक्ष

“रुद्राक्ष” के विषय में प्रसिद्ध उक्ति है : “रुद्राक्ष धारयेद्बुध:”। [ अर्थात् ज्ञानीजनों को रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। ] जहाँ…

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तुम आयीं जैसे छीमियों में धीरे-धीरे आता है रस!

“तुम आयीं जैसे छीमियों में धीरे-धीरे आता है रस!” ये श्री केदारनाथ सिंह हैं, और बड़े दिनों से इस कविता…

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