Menu

Tag: Vipul Rege

मितवा : राग भूपाली का चुपके से आना राग पहाड़ी से मिलने

संगीत के रागों में मुझे संपूर्ण प्रकृति परिलक्षित होती दिखाई देती है. जैसे कोई थिरकती नदी हवाओं से संगत करे, जैसे कोई जलप्रपात कहरवा ताल में निबद्ध होकर घाटी में उतर जाए, जैसे गोपियों की लजाई पायल बज उठे. राग उतने ही प्राकृतिक हैं, जितनी कोई जंगली बूटी होती है. रागों का लेप अवसाद दूर […]

Read More
error: Content is protected !!