शिक्षक : स्वयं की ज्योति को अखंड रखकर ही एक दीपक प्रज्जवलित कर सकता है दूसरे दीपक को

एक शिक्षक वास्तव में कभी भी नहीं पढ़ा सकता यदि वह स्वयं आज न पढ़ रहा हो, एक दीपक दूसरे…

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जीवन को जो दिशा दे, ऐसा शिक्षक आना चाहिए हर छात्र के जीवन में

रात के डेढ़ बजे हों… मैं होऊं… मेरी साइकिल हो… दस-बारह फ़ीट चौड़ी सड़क हो… आगे-पीछे से कोई आता जाता…

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