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Tag: Swami Dhyan Vinay

ध्यान का ज्ञान : इस ज़मीं से आसमां तक मैं ही मैं हूँ, दूसरा कोई नहीं

मैं अहंकारी हूँ, तुम भी अहंकारी हो और वो भी… निरपवाद रूप से सभी अहंकारी हैं… ऐसा भी नहीं कि बहुत बड़े-बड़े अहंकार पाले हों… छोटे-छोटे, बहुत तुच्छ, टुच्चे से अहंकार पाले हुए हैं. क्या खूब लिखता हूँ मैं, क्या खूब दिखता हूँ मैं, कितनी ऐशो-आराम की ज़िन्दगी जुटाई है मैंने खुद के लिए और […]

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हम तो ऐसे हैं भैया

ज्ञान और शिक्षा में अंतर उतना ही है जैसे आत्मा और शरीर में है. आत्मा अपने पूर्व जन्मों से कुछ ज्ञान लेकर आती है जैसे एक बना बनाया घर हो और जन्म के बाद शिक्षा का अर्थ कुछ यूं है जैसे उस घर को सुन्दर बनाने के लिए सजावट का सामान. तो आपसे मिलते ही […]

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वो दुनिया मेरे बाबुल का घर … ‘ये’ दुनिया ससुराल…

पिछले हफ्ते लगातार एक सवाल मुझसे अलग-अलग लोगों द्वारा पूछा गया, मेकिंग इंडिया का उद्देश्य क्या है? सबको अलग-अलग जवाब दिए हैं, राष्ट्रवादियों को राष्ट्र सेवा, आध्यात्मिक लोगों को आध्यात्मिक सन्देश, जीवन को भरपूर जीने वालों को जीवन के सारे रंग उड़ेलते हुए सकारात्मक उद्देश्य…. अलग-अलग लोगों के लिए मेकिंग इंडिया की उपयोगिता अलग-अलग है. […]

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सभ्यता, संस्कार, स्वतंत्रता और स्त्री सशक्तिकरण

बीती रात भांजी को रिसीव करने रेलवे स्टेशन पर था. बिटिया कलाकार है, फाइन आर्ट्स की छात्रा, ceramic sculpture बनाती है, भोपाल का भारत भवन उसका दूसरा घर जैसा बन गया है. रात साढ़े दस बजे मदन महल स्टेशन पहुँचने वाली शताब्दी एक्सप्रेस से लौट रही थी, अपने भारी भरकम प्रोजेक्ट वर्क के साथ. घर […]

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