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Tag: Swami Dhyan Vinay

नायिका – 23 : तीन शब्दों का जादू

उन तीन लफ़्ज़ों को लेकर घर लौटी… सिर दर्द का बहाना बनाकर औंधे मुंह लेटी रही… 2 घंटे निकल गये… शायद यकीन न आये तुमको लेकिन अपनी 33 साल की उम्र में हज़ारों बार ये शब्द कहे होंगे और सुने होंगे लेकिन ऐसा पहली बार हुअ कि मेरे कहने से पहले किसी ने पहली बार […]

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मुझे बरबाद करने की फ़िराक में ये आदमी

ज़िंदगी में पहली बार काम-धाम के बारे में तब सोचा, जब बड़े राजकुमार चिरंजीव ज्योतिर्मय जी के हमारे घर आने के संकेत मिले…. सोचा और सफलतापूर्वक शुरू हो गया… पर अब एक आदमी मुझे बरबाद करने की फ़िराक में है…. फिर छोटे राजकुमार चिरंजीव गीत के आने से पहले, परिवार बढ़ने की आहट पा, ज़िंदगी […]

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पंचगव्य और आयुर्वेद के ज्ञाता ऋषि तुल्य वैद्य राजेश कपूर से मुलाक़ात

“अब तो चाय बिना शक्कर और बिना दूध वाली पीता हूँ”, मेरे इस कथन पर लोगों की अब तक प्रशंसात्मक या विस्मयपूर्ण प्रतिक्रियाएं ही मिली हैं. पर वो गुरु ही क्या जो चोट न करे! उन्होंने छूटते ही कहा कि इस पेय में चाय पत्ती तो है… नहीं पीना चाहिए. मेरे प्रतिवाद पर उन्होंने दो […]

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ये पूरा संसार ही नादात्मक है

स्वामी ध्यान विनय के साथ कोई गीत सुनना दोगुना आनंद देता है. गीत के अनुभव के साथ, गीत की ताल पर उनकी ऊंगलियों की थाप और उनका गीत से अधिक उसके संगीत के साथ एकाकार हो जाना. फिर चाहे उनके सामने टेबल हो या खाली मटका. उनकी लहराती ऊंगलियों के साथ उनके चेहरे पर आये […]

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नायिका -21 : खींचे मुझे कोई डोर तेरी ओर…

आज शाम आपसे बात करने के बाद मन इतना भारी हो गया कि कुछ सूझे ही न कि क्या करूं। सिस्टम भांजे ने ले लिया, नहीं तो ब्लॉग पर ही कुछ करता, इधर उधर डोलता रहा। फिर उनका भला हो, 4 आ गये, उनका समाधान किया, पर फिर ऊपर अपने रूम में जा कर पढ़ने […]

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नायिका – 20 : Love You नायिका

वहाँ कॉलेज से लौट कर भागता हुआ आया, काम अधूरा छोड़ कर…. गया ही इस शर्त पर था कि आँधी आए या तूफान, 1 बजे घर पर होना है मुझे. क्यों गया था?? उस काम से जिसके लिए लोग आज भी याद करते हैं इस मूर्ख को. कम्प्यूटर्स में प्रॉब्लम थी, कम्पनी के technicians ने […]

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नायिका -19 : इतनी मिलती है सूरत से तेरी गज़ल मेरी, लोग मुझको तेरा महबूब समझते होंगे

विनायक – हाँ नायिका!!! है ना कमाल कि ज़िंदा हो!!!! लेकिन ऐसा लग रहा है, हो नहीं!!!! मरनेवाले के लिए कहा जाता है कि भगवान को प्यारा हो गया, गणेश को भी तो भगवान ही मानते है ना?? देखो खजराना जा कर!!!!! नायिका – मर गई नायिका… खजराने वाले गणेशजी, क्या मरने के बाद भी […]

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नायिका-18 : मैं मानता नहीं अगले या पिछले जन्म को, ‘जानता’ हूँ!

विनायक – तीनों links पर गया, दो पर comments हैं, इच्छा हो तो देखें, एक अमृत-सागर को पढ़ लिया सागर मंथन कर अमृत की खोज करने के लिये. न, अमर होने की चाह बिलकुल भी नहीं, जल की कोख से तो लिखवा लिया. अब देखते हैं, “धरती की कोख से” किस दिन लिखा पाती हैं. […]

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नायिका – 17 : बरगद की चुड़ैल और श्मशान चम्पा

नायिका – मैं बता देती हूँ एक बार और मुझे मोबाइल नंबर नहीं चाहिए… नहीं चाहिए… नहीं चाहिए….. विनायक – किसने कहा कि मैं दे रहा हूँ? देना होगा तो आपकी इजाज़त के बिना भी दे दूँगा, कौन रोक सकेगा मुझे? got it?? now please note it down, its 93001*****…. अर्ररे!!! ये क्या हरक़त है, […]

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नायिका -16 : आप सामने हो तो भला क्यों कोई पलक झपकने जितना समय भी गंवायेगा?

नायिका – अब आपकी उम्मीद कितनी बड़ी है ये तो मुझे नहीं पता ना…. ख़त तो बहुत बड़ा नहीं है, हाँ आपके गाने सुनते हुए जो महसूस किया उसे कमेंट्स में डालती गई… देख लेना… और जाऊँ मतलब? तुम जाते ही कहाँ हो….. भूत जो हो मँडराते रहते हो आसपास….. ऊपर से अपनी आँखें भी […]

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