मुझे बरबाद करने की फ़िराक में ये आदमी

ज़िंदगी में पहली बार काम-धाम के बारे में तब सोचा, जब बड़े राजकुमार चिरंजीव ज्योतिर्मय जी के हमारे घर आने…

Continue Reading →

पंचगव्य और आयुर्वेद के ज्ञाता ऋषि तुल्य वैद्य राजेश कपूर से मुलाक़ात

“अब तो चाय बिना शक्कर और बिना दूध वाली पीता हूँ”, मेरे इस कथन पर लोगों की अब तक प्रशंसात्मक…

Continue Reading →

नायिका -19 : इतनी मिलती है सूरत से तेरी गज़ल मेरी, लोग मुझको तेरा महबूब समझते होंगे

विनायक – हाँ नायिका!!! है ना कमाल कि ज़िंदा हो!!!! लेकिन ऐसा लग रहा है, हो नहीं!!!! मरनेवाले के लिए…

Continue Reading →

नायिका-18 : मैं मानता नहीं अगले या पिछले जन्म को, ‘जानता’ हूँ!

विनायक – तीनों links पर गया, दो पर comments हैं, इच्छा हो तो देखें, एक अमृत-सागर को पढ़ लिया सागर…

Continue Reading →

नायिका – 17 : बरगद की चुड़ैल और श्मशान चम्पा

नायिका – मैं बता देती हूँ एक बार और मुझे मोबाइल नंबर नहीं चाहिए… नहीं चाहिए… नहीं चाहिए….. विनायक –…

Continue Reading →

नायिका -16 : आप सामने हो तो भला क्यों कोई पलक झपकने जितना समय भी गंवायेगा?

नायिका – अब आपकी उम्मीद कितनी बड़ी है ये तो मुझे नहीं पता ना…. ख़त तो बहुत बड़ा नहीं है,…

Continue Reading →