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Tag: Swami Dhyan Vinay

नायिका Episode – 9 : क्यों दुखता है दाँत? ऐसे में मीठा कम बोलना चाहिए!!!!

नायिका का अगला ई-मेल – अभी अभी फिर किसी से तनातनी हो गयी…. खैर झगडालू हूँ लेकिन कुछ लोगों के लिए.. झगड़ने के बाद मन खराब हो जाता है… खराब मन लिए बैठी हूँ आपके सामने… एक साया-सा रूबरू क्या है… सुन रही हूँ अपलोड किया है आप भी सुनिए या फिर बताइये आपके पसंद […]

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नायिका – 8 : कहीं इसे फ्लर्ट करना तो नहीं कहते हैं ना?

सूत्रधार – नायिका अपनी तस्वीर कुछ देर के लिए ब्लॉग पर लगाती है और नायक को मेल से खबर कर देती है कि देख लें कहीं यही वो चेहरा तो नहीं था जो उसे सपने में दिखाई दिया था. नायिका की तस्वीर देखने के बाद नायक जवाब देता है- चाहें तो अभी हटा दीजिये. पुण्यतिथि […]

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नायिका – 7 : अरमान तमाम उम्र के सीने में दफ्न हैं, हम चलते-फिरते लोग मज़ारों से कम नहीं

बहरहाल तो जनाब यहाँ से शुरू होता है नायक का परिचय… ख़ुद नायक की ज़ुबानी… जी हाँ कहा ना मैंने बताना शुरू किया तो कहानी आगे नहीं बढ़ेगी… आप जितना भी नायक के बारे में जानेंगे, जितना भी उसे समझेंगे वो सब नायक के ही शब्दों में होगा…. क्योंकि नायक को ख़ुद के अलावा और […]

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नायिका – 6 : न आया माना हमें cheques पर हस्ताक्षर करना, बड़ी कारीगरी से हम दिलों पर नाम लिखते हैं

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि एक महीने के अंतराल के बाद नायिका नायक के ईमेल का जवाब भेजती है, जिसके जवाब में जनाब लिखते हैं – बेग़म अख्तर गा रही हैं, शायद सुदर्शन फ़ाकिर का क़लाम है – ज़िंदगी कुछ भी नहीं फिर भी जिये जाते हैं! तुझपे ए वक़्त हम एहसान किये जाते […]

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नायिका -5 : ये नये मिजाज़ का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो

अभी तक आप मिले मुझसे यानी सूत्रधार से, और पढ़े नायक और नायिका के एकदूसरे को लिखे ख़त…. …..बिल्कुल …आपकी उलझन बिल्कुल सही कि एक तरफ तो मैं कहता हूँ कि नायिका और नायक की पहली मुलाकात बाकी है और दूसरी तरफ इन खतों से लगता है जैसे दोनों एक दूसरे को बरसों से ही […]

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नायिका -4 : जादू और शक्ति

… कुछ बताऊँ? तुम अब लगभग तैयार हो कि हम मिल सकें… लगभग पर रुकना, ध्यान देना… उन 4 या 5 दिनों के ध्यान में बैठने का बहुत बड़ा हाथ है इस तैयारी में… अब बोलो, ये अगर पहले बता देता तो? तो ये अपेक्षा जुड़ जाती और उस तरीके से ध्यान सम्पन्न न हो […]

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चरित्रहीन – 3 : तुम्हारा प्रेम बीज है, मेरा प्रेम सुवास

पश्चिम की एक बहुत प्रसिद्ध अभिनेत्री मर्लिन मनरो ने आत्महत्या की, भरी जवानी में! और कारण? कितने प्रेमी उसे उपलब्ध थे! ऐरे-गैरे-नत्थू-खैरों से लेकर अमरीका का राष्ट्रपति कैनेडी तक, सब उसके प्रेमी! तो भी वह प्रेम से वंचित थी। प्रेमियों की भीड़ से थोड़े ही प्रेम मिल जाता है। प्रेम तो एक आत्मीयता का अनुभव […]

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चरित्रहीन – 4 : उड़ियो पंख पसार

और फिर एक दिन… स्वामी ध्यान विनय मुझसे पूछने लगे base camp का अर्थ जानती हो? मैंने कहा आप पूछ रहे हैं तो ज़रूर कोई और ही अर्थ बताने वाले होंगे… बताइये.. जब लोग पर्वतारोहण करने जाते हैं तो अपना सारा सामान नीचे base camp में ही छोड़ जाते हैं बस ज़रूरी सामान लेकर ऊपर […]

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नायिका -3 : Introducing सूत्रधार

हर फिल्म का एक नायक होता है………….. और होती है एक नायिका……………………. फिल्म चाहे पुरानी हो या नई………. हर फिल्म में एक नायक होता है…………. और होती है एक नायिका…………… बात चाहे नायक की सफलता की हो या असफलता की………… हर नायक के पीछे होती है एक नायिका……….. बात चाहे प्रेम की हो रही हो […]

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नायिका -2 : Introducing NAAYIKA

बात 2007 की है जब नायिका एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करती थी. तनख्वाह इतनी थी कि उस ज़माने के हिसाब से घर खर्च निकालने के बाद चाहे जितना रूपया खुद पर खर्च कर सकती थी. बाज़ार गए हैं कोई साड़ी एक नज़र में पसंद आ गई तो बस चाहिए, फिर चाहे वो 100 […]

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