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Tag: Surendra Mohan Pathak

यह सुरेंद्र मोहन पाठक के लिए खतरे की घंटी है…

मैं किशोरावस्था में तथाकथित लुगदी साहित्य का बड़ा प्रेमी था। हां, हमलोग उसे जासूसी नॉवेल कहते थे। सुरेंद्र मोहन पाठक, वेदप्रकाश शर्मा के साथ मैं तो जेम्स हेडली चेइज और रीमा भारती, केशव पंडित जैसों को भी खूब पढ़ता था। हालांकि, इनमें पाठकजी को पढ़कर हमेशा ही लगता रहा जैसे वह व्यक्ति अपनी वर्तमान स्थिति […]

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मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं : हस्या ई कंजर

नामचीन उपन्यासकार और पॉकेट बुक्स के शहंशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक की जब मैं नई-नई पाठिका बनी थी तब उन्हें एक लंबा सा पत्र लिखा था. वो पत्र उन तक पहुँच पाया या नहीं ये मुझे नहीं पता…. उस समय ज्योतिर्मय मेरे गर्भ में थे… 2009 में लिखे उस पत्र को मैं ज्यों का त्यों आपके […]

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