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Tag: Sri M

मानो या ना मानो – 6 : अग्नि के मानस देवता

मानो या न मानो भाग-5 के आगे… चार साल बाद मिली उस ड्रेस को पहनने के बाद मैं खुद को कहीं की परी समझने लगी थी, उम्र को मैंने कभी खुद पर हावी नहीं होने दिया इसलिए कोई भी ड्रेस किसी भी उम्र में पहनने में मुझे कभी कोई झिझक नहीं हुई। तो मेरी वह […]

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अध्यात्म के रंगमंच पर जीवन का किरदार…

मुझसे किसी को किसी बात पर ईर्ष्या नहीं हो सकती, लेकिन बिस्तर पर करवट बदलते रहने वालों को मेरी इस आदत पर अवश्य ईर्ष्या हो सकती है कि ध्यान बाबा कहते हैं आप इतनी बड़ी कुम्भकरण हैं कि आप पास में बैठी हैं और ज़रा सी कोहनी मारकर आपको लुढ़का दो तो वहीं खर्राटे मारने […]

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