Menu

Tag: Spiritual Journey

AskAmma : पश्चिम तुम्हें देख अचंभित है, तुम कब झांकोगे अपने मन में पूरब वालों!

कुछ दो तीन वर्षों पहले जिन दिनों मार्क जुकरबर्ग की नीम करोली बाबा से मिलने आने वाली खबर चर्चा में थी, तब मेरे पास एक फेसबुक मित्र का सन्देश आया – वैसे एक बात समझ नहीं आई, स्टीव जॉब्स और फेसबुक वाले मार्क तो नीम करोली बाबा से प्रेरणा ले गए और दुनिया बदल डाली, […]

Read More

बाहर के अनुभव, अंतर की यात्रा

जब मैंने आंखें खोली, पाया स्वयं को एक सुंदर निर्जन टापू पर। सुबह जागता, सागर में नहाता, नारियल और मछली खाता, नमकीन सिक्ता पर पत्ते बिछा, डूबते सूरज को निहारता। रात को अग्नि जला, धारणा करता, एक से दो होने की। नसों में रक्त उबलता, और एक दिन, फलीभूत हुआ संकल्प मेरा। निविड़ अंधकार में […]

Read More

नायिका – 9 : क्यों दुखता है दाँत? ऐसे में मीठा कम बोलना चाहिए!!!!

नायिका का अगला ई-मेल – अभी अभी फिर किसी से तनातनी हो गयी…. खैर झगडालू हूँ लेकिन कुछ लोगों के लिए.. झगड़ने के बाद मन खराब हो जाता है… खराब मन लिए बैठी हूँ आपके सामने… एक साया-सा रूबरू क्या है… सुन रही हूँ अपलोड किया है आप भी सुनिए या फिर बताइये आपके पसंद […]

Read More

Unplug With Sadhguru : क्या पिछले जन्म की बातों को हम जान सकते हैं?

मशहूर अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने सद्‌गुरु के साथ एक बेहद रोचक मुद्दे पर बातचीत की। पेश है, उस संवाद के संपादित अंश रकुल प्रीत सिंह: सद्गुरु, पिछले जन्म के बारे में आपके क्या विचार हैं? क्या यह संभव है कि हर इंसान यह जान सके कि उसका अतीत क्या था? सद्गुरु: जिन लोगों के […]

Read More

AskAmma : हाथ से कोई दुर्लभ सुयोग छूटेगा तो नहीं?

मां… बस एक सवाल का जवाब… जब दिल करेगा दीजिएगा.. पर मैं जानना चाहता हूं.. आप हैं कौन..? और मेरी नियति को लेकर इतने भरोसे से कैसे कह सकती हैं..? मां…आप इंसान ही हैं ना मां..? आप इंसान के वेश में… कोई दिव्य शक्ति तो नहीं.. मैं अनुभवहीन हूं… मेंरे सवाल को धृष्टता न समझिएगा.. […]

Read More

चरित्रहीन – 1 : प्रेम, पीड़ा, प्रतीक्षा, परमात्मा

उसे कई बार ऐसा लगता है जैसे वह इस जन्म में जिस किसी से भी मिल रही है, वह पिछले किसी न किसी जन्म का कोई रिश्ता है… यूं तो वह हज़ारों लोगों से मिलती है, लेकिन एक दिन अचानक किसी को देखकर आँखें चमक जाती है. चेतना से कोई लहर उठती है और वह […]

Read More

चरित्रहीन -2 : मैं ईश्वर की प्रयोगशाला हूँ

(उसके लिए भविष्यवाणी हुई है कि यह उसका अंतिम जन्म है… और इस जन्म में उसे पिछले सारे जन्मों के हिसाब पूरे करना है, चाहे वह हिसाब प्रेम का हो, नफरत का हो, अपमान का हो.. उसे पता है यदि वह किसी से प्रेम पाती है तो वह पिछले अधूरे छूटे प्रेम का पूर्ण होना […]

Read More

चरित्रहीन – 4 : उड़ियो पंख पसार

और फिर एक दिन… स्वामी ध्यान विनय मुझसे पूछने लगे base camp का अर्थ जानती हो? मैंने कहा आप पूछ रहे हैं तो ज़रूर कोई और ही अर्थ बताने वाले होंगे… बताइये.. जब लोग पर्वतारोहण करने जाते हैं तो अपना सारा सामान नीचे base camp में ही छोड़ जाते हैं बस ज़रूरी सामान लेकर ऊपर […]

Read More
error: Content is protected !!