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Tag: Shakun Shastra

शकुन शास्त्र – 3 : सबकुछ पूर्व नियोजित और सुनिश्चित है

शकुनों में हमें असम्भावना इसलिए प्रतीत होती है कि हम परिणामों को निश्चित नहीं मानते. फ्रांस के किसी वैज्ञानिक ने एक समुद्रीय पौधे को बाहर स्थल पर लगाया और उस पर पड़ने वाले सूक्ष्म प्रभाव का गणित करता गया. सूर्य-ताप का क्रम तथा देशों की स्थिति आदि का हिसाब करके उसने दो सौ वर्ष तक […]

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मानो या ना मानो : शकुन शास्त्र – 2

अंधविश्वास कहकर किसी तथ्य को उड़ा देना एक बात है और उसमें सन्निहित सत्य का अन्वेषण दूसरी बात. ग्राम के लोग जानते हैं कि जब ग्राम में महामारी आनेवाली होती है, तो गोरैया पक्षी पहले से ही ग्राम को छोड़ देती है. उसी प्रकार दूसरे पशु-पक्षियों को भी आपत्ति का पूर्वज्ञान हो जाता है. आपत्ति […]

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मानो या ना मानो : शकुन शास्त्र -1

“जोंक- यह जल कृमि बैरोमीटर का अच्छा काम देता है. शीशे के बड़े पात्र में जल भरकर इसे पाला जा सकता है. वर्षा होने वाली होगी तो यह जल के तल भाग में जा बैठेगा, आंधी आने वाली हो तो यह बेचैनी से तैरता है. यह जल के ऊपर मजे में तैरता हो तो समझना […]

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