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Tag: Shakun Shastra

वैद्य राजेश कपूर से जानिये किस दिन क्या खाना और करना वर्जित है

  आचार्य राजेश कपूर से जानिये पंद्रह दिन के चौदह नियम – 1. प्रतिपदा – कूष्मांड पेठा और कद्दू खाना वर्जित है.2. दूज – बृहती (छोटा बैंगन) खाना वर्जित है.3. तृतीया – परवल खाने से शत्रु वृद्धि होती है.4. चतुर्थी- मूली खाने से धन का नाश होता है.5. पंचमी – बेल खाना वर्जित है – […]

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शकुन शास्त्र – 5 : सूक्ष्म जगत की वस्तु का स्थूल जगत में प्रकटीकरण

हमने पहले बताया है कि जड़वादियों के लिए भी पशु-पक्षी आदि से ज्ञात शकुन मान्य होने चाहिए, परन्तु जड़वाद को मानकर इन अद्भुत शकुनों का कारण पाया नहीं जा सकता. पाषाण में या धातु, काष्ठादि की मूर्तियों में हास्य, रोदन, गति, स्वेद तथा आकाश से रक्त, चन्दन आदि की वृष्टि का कारण जड़वाद से पाना […]

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शकुन शास्त्र – 4 : अनुभव करें प्रकृति के सूक्ष्म प्रभावों को

अनेक बार हम अनुभव करते हैं कि हमारा मन अकारण खिन्न हो गया है. पीछे कोई दुखद संवाद आता है. अनेक बार हम अनुभव करते हैं कि अमुक कार्य प्रारम्भ करने में मन की कोई शक्ति रोक रही है. कई बार हम किसी प्रियजन को यात्रा में जाने से रोकते हैं. उस अंत: प्रेरणा का […]

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शकुन शास्त्र – 3 : सबकुछ पूर्व नियोजित और सुनिश्चित है

शकुनों में हमें असम्भावना इसलिए प्रतीत होती है कि हम परिणामों को निश्चित नहीं मानते. फ्रांस के किसी वैज्ञानिक ने एक समुद्रीय पौधे को बाहर स्थल पर लगाया और उस पर पड़ने वाले सूक्ष्म प्रभाव का गणित करता गया. सूर्य-ताप का क्रम तथा देशों की स्थिति आदि का हिसाब करके उसने दो सौ वर्ष तक […]

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मानो या ना मानो : शकुन शास्त्र – 2

अंधविश्वास कहकर किसी तथ्य को उड़ा देना एक बात है और उसमें सन्निहित सत्य का अन्वेषण दूसरी बात. ग्राम के लोग जानते हैं कि जब ग्राम में महामारी आनेवाली होती है, तो गोरैया पक्षी पहले से ही ग्राम को छोड़ देती है. उसी प्रकार दूसरे पशु-पक्षियों को भी आपत्ति का पूर्वज्ञान हो जाता है. आपत्ति […]

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मानो या ना मानो : शकुन शास्त्र -1

“जोंक- यह जल कृमि बैरोमीटर का अच्छा काम देता है. शीशे के बड़े पात्र में जल भरकर इसे पाला जा सकता है. वर्षा होने वाली होगी तो यह जल के तल भाग में जा बैठेगा, आंधी आने वाली हो तो यह बेचैनी से तैरता है. यह जल के ऊपर मजे में तैरता हो तो समझना […]

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