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Tag: Ravindrakant Tyagi

मानो या न मानो : रहस्यों को हृदय में समेटे इंतज़ार करो अपनी पारी का

मेरा मानना है कि जादू टोना, गंडा ताबीज, नज़र लगना, व्रत करके भूखे मरना, ढोंगी बाबाओं को गुरू बनाना और तंत्र मन्त्र सब ढकोसला है लेकिन मैं मानता हूँ न? तो क्या ये जरूरी है कि मैं जो मानता हूँ सब सही है? मैं सब जानता हूँ या उतना ही जितना मेरी छोटी सी बुद्धि […]

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