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Tag: Rajeshwar Vashisth

यात्रा : अंतिम यात्रा पर पहला क़दम

यात्रा और पड़ाव यात्रा प्रेम एवरेस्ट पर्वत पर चढ़ना तो था नहीं कि इस बार मैं नेपाल से न होकर तिब्बत से चढ़ना शुरु करता. प्रेम किसी रोमांचक कहानी को गढ़ना भी नहीं था कि मैं पूरा परिवेश और सारे पात्र ही बदल डालता. इस बार प्रेम सवारी गाड़ी की स्लीपर क्लास में होने वाली […]

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शेरोन : जिसे रचा गया है साँसों के संतूर पर, आत्मा की लय में, एक सुंदर शरीर में!

सुनो शेरोन ! वैसे तो मौन ही सबसे अच्छी भाषा है अभिव्यक्ति की, फिर भी कह देता हूँ कि तुम बला की खूबसूरत “थी “! जब देखा था पहली बार तुम्हे सिल्वेस्टर स्टेलोन के साथ, स्नानागार में केलिरत! आलिंगनबद्ध! अद्वैत होते! मैं भी था जड़वत, मुग्ध, कीलित एवं यंत्रवत! यौवन की जलधि में उफनता तुम्हारा […]

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