किताबों की दुनिया

कवियित्री राजेश जोशी की ‘ब्रह्माण्ड का नृत्य’ संग्रह की कई रचनाओं को पढ़ते हुए मैंने महसूस किया जैसे संवेदनशील लोगों…

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फ़ादर्स डे : एक था बचपन, बचपन के एक बाबूजी थे

फादर्स डे के बहाने… अपने पापा के साथ मैं बहुत दोस्ताना नहीं हूँ. पिता-पुत्र के संबंधों की प्रचलित गरिमा हमारे…

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गुड्डी मिली? : किरदार के भीतर और बाहर की दुनिया

जीवन में घटने वाली हर महत्वपूर्ण घटना एक फिल्म के समान होती है जिसकी स्क्रिप्ट नियति द्वारा पहले से लिख…

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कालबेलिया : नागलोक की परियों का धरती पर नृत्य

काला रंग मुझे हमेशा से आकर्षित करता है. कहते हैं काला रंग काला इसलिए है क्योंकि वो सारे रंगों को…

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