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Tag: Radha

मनमोहना… कान्हा सुनो ना…

प्रेम, प्रतीक्षा, प्रारब्ध और पीड़ा यात्रा है… और मिलन एक चमत्कार जो सिर्फ चयनित लोगों के लिए सुरक्षित स्थान है… एक ऐसा स्थान जो इस धरती पर नहीं, ब्रह्माण्ड में किसी ऐसे स्थान पर होता है जहाँ तक पहुँचने की असुरक्षित और टूट जाने तक की यात्रा में जीते हुए भी मनुष्य के अवचेतन में […]

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तन नुं बनावे तम्बूर अने मन ना करे मंजीरा, तो तमे मानजो के ए हशे, राधा ने कां मीरा

एक राधा, एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहाअन्तर क्या दोनों की चाह में बोलोइक प्रेम दीवानी, इक दरस दीवानी राधा ने मधुबन में ढूँढामीरा ने मन में पायाराधा जिसे खो बैठीवो गोविन्द और दरस दिखायाएक मुरली एक पायल, एक पगली, एक घायलअन्तर क्या दोनों की प्रीत में बोलोएक सूरत लुभानी, एक मूरत लुभानीइक प्रेम […]

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