Menu

Tag: Naglok

नाग लोक का रहस्य – 4 : उद्गम और टोटेमवाद

पिछली तीन श्रृंखला मेरे अनुभवों और गुरुओं से प्राप्त ज्ञान का लेखा जोखा है, जो मुझे नाग लोक के रहस्य को जानने के लिए जिज्ञासु बनाते हैं. पिछली श्रृंखला में आध्यात्मिक गुरु श्री एम द्वारा उद्घाटित कई रहस्यमयी घटनाओं को पाठकों ने सिरे से ख़ारिज कर दिया, जो अपेक्षित था. लेकिन जब आप नाग लोक […]

Read More

नाग लोक का रहस्य – 3 : नागराज वासुकी की बहन मनसा देवी और उनकी मानस पुत्रियाँ

कहते हैं हमारी जीवन यात्रा के साथ साथ हमारी आध्यात्मिक यात्रा को नैपथ्य से कुछ लोग संचालित कर रहे होते हैं, जो उचित समय से पहले हमारे सामने अपनी उपस्थिति का कोई संकेत नहीं देते, ये उचित समय भी वही तय करते हैं और हमारी यात्राएं भी. ऐसे में ब्रह्माण्ड के स्वर्णिम नियमों को सुचारू […]

Read More

नाग लोक का रहस्य – 2 : Sri M की नाग लोक के उपनायक से मुलाकात

भाषा की क्लिष्टता का उपयोग अधिकतर वहां किया जाता है जहाँ कहने को कम और प्रदर्शन के लिए अधिक होता है. लेकिन जहां सामान्य मनुष्य को कोई महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाना हो तो भाषा सीधी सरल ही रखी जाती है. और ये किसी पर आक्षेप नहीं, मेरा व्यक्तिगत अनुभव है. जब मुझे अपनी लेखन क्षुधा के […]

Read More

नाग लोक का रहस्य – 1

बहुत छोटी थी जब श्रीदेवी की नगीना फिल्म आई थी, और मैं उस फिल्म से इतनी प्रभावित हुई थी कि दर्पण के सामने खड़े होकर दिन भर ‘मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा, मैं नागिन तू सपेरा’ पर नृत्य करती रहती थी. श्रीदेवी की भाव भंगिमाओं की हूबहू नक़ल उतारने का प्रयास करती थी. उन […]

Read More
error: Content is protected !!