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Tag: Movie Review

धड़क-धड़क, जिया धड़क-धड़क जाए…

बादल और बारिश की आंख मिचौली में बनारस की सड़कें गीली हो चुकी हैं। भुट्टे के ठेले पर उठ चुके धुंए में और चाय के दड़बे में बैठ चुकी अंतहीन बहस में अचानक सावन उतर आया है। शाम सात बजने को है। काशी के अति व्यस्त गोदौलिया चौराहे से लक्सा रोड की तरफ बढ़ने पर […]

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बंदिनी : मन की किताब से तुम मेरा नाम ही मिटा देना…

चारुचंद्र चक्रवर्ती की बांग्ला कहानी ‘तामसी’, पर आधारित बिमल रॉय की 1963 निर्मित फ़िल्म “बन्दिनी” हर बार मन में एक गहरा असर डालती है. हत्या के अपराध में सज़ा काट रही कल्याणी (नूतन) का विप्लवी, क्राँतिकारी बिकाश घोष(अशोक कुमार) के साथ प्रेम, डाह, बदले और समर्पण की अद्भुत कहानी है बन्दिनी. प्रेम में छल की […]

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सदमा : अंग्रेज़ी वर्णमाला का नौवां वर्ण ‘I’ यानी ‘मैं’ का खो जाना

प्रेम का नफरत में बदल जाना, प्रेम में धोखा खाना, यहाँ तक कि प्रेम का मर जाना भी बर्दाश्त हो जाता है… नीलकंठ की तरह कंठ में इस पीड़ा को धारण किये भी कभी कभी इंसान पूरा जीवन गुज़ार लेता है. कुम्भ के विशाल मेले में पिता की ऊंगली छूट जाने से खो गए किसी […]

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