ए माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी

भैया.. मां कैसी दिखती होगी.. क्या तुझे याद है”? ‘भैया.. मां होती तो कितना अच्छा होता ना.. यूं खाना खाने…

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कुम्हारन के हाथ तो सदैव मिट्टी में सने रहते हैं…

कुम्हारन के हाथ तो सदैव मिट्टी में सने रहते हैं… मिट्टी जो उसकी माँ भी है और सखी भी… गुरु…

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