Menu

Tag: Mother India

ए माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी

भैया.. मां कैसी दिखती होगी.. क्या तुझे याद है”? ‘भैया.. मां होती तो कितना अच्छा होता ना.. यूं खाना खाने को चाची की तरफ तो ना जाना होता..” हां ..छोटे.. “भैया.. देखा ना चाची कैसे घूरती मुझे खाते देख के.” थोड़ा पहले चला जाऊं तो हाथ नचा के बोलती है.. अभी ना बना खाना.. चल […]

Read More

कुम्हारन के हाथ तो सदैव मिट्टी में सने रहते हैं…

कुम्हारन के हाथ तो सदैव मिट्टी में सने रहते हैं… मिट्टी जो उसकी माँ भी है और सखी भी… गुरु भी है और पिता भी… सुहाग है, तो चिता की राख भी… इस मिट्टी को इस बात से कोई लेना देना नहीं कि उसके बने पात्र में किसको पानी पीना नसीब हुआ है, इस मिट्टी […]

Read More