Menu

Tag: Meera

तन नुं बनावे तम्बूर अने मन ना करे मंजीरा, तो तमे मानजो के ए हशे, राधा ने कां मीरा

एक राधा, एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहाअन्तर क्या दोनों की चाह में बोलोइक प्रेम दीवानी, इक दरस दीवानी राधा ने मधुबन में ढूँढामीरा ने मन में पायाराधा जिसे खो बैठीवो गोविन्द और दरस दिखायाएक मुरली एक पायल, एक पगली, एक घायलअन्तर क्या दोनों की प्रीत में बोलोएक सूरत लुभानी, एक मूरत लुभानीइक प्रेम […]

Read More
error: Content is protected !!