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Tag: Mano Ya Na Mano

मानो या ना मानो : शकुन शास्त्र -1

“जोंक- यह जल कृमि बैरोमीटर का अच्छा काम देता है. शीशे के बड़े पात्र में जल भरकर इसे पाला जा सकता है. वर्षा होने वाली होगी तो यह जल के तल भाग में जा बैठेगा, आंधी आने वाली हो तो यह बेचैनी से तैरता है. यह जल के ऊपर मजे में तैरता हो तो समझना […]

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मानो या ना मानो : यह महफिल है मस्तानों की, हर शख्स यहाँ पर मतवाला

वेद में एक बहुत ही सुन्दर मंत्र है – “कस्मै देवाय हविषा विधेम”. ऋषियों के सम्मुख एक बहुत बड़ा प्रश्न यह था कि यज्ञ में किस देवता की आहुति दी जाये. यह सब विचार करते हुए उन्हें लगा कि कौन सी ऐसी शक्ति है जो पूरे विश्व का संचालन करती है? इस चराचर संसार का […]

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मानो या ना मानो : ऊपरी हवा का टोना और अंतर की आस्था का जादू

आज आपबीती लिखने जा रहा हूँ। कुछ ऐसी घटनाएं जो जीवन में सबक बन कर आती हैं और आप किंकर्तव्यविमूढ हो जाते हैं कि आगे का मार्ग क्या हो? लगभग 27-28 सितम्बर से यह सब आरम्भ हुआ। मुझे यह अनुभूति होती कि मुझे बुखार रहता है.. और दिन में तीन-चार बार हथेली से स्वेद भी […]

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मानो या ना मानो : रहस्यमयी रंगोली

हमारा समाज छद्म व्यवहार की नींव पर टिका है. हम यदि वास्तविक व्यवहार ज्यों का त्यों करने लगेंगे तो इस समाज की बुनियाद हिल जाएगी और वो भरभराकर नीचे गिर पड़ेगा….. लेकिन हम असामाजिक होने के साथ ही आदिम हो जाएंगे, एकदम बीहड़ लेकिन प्रकृति के एकदम करीब… यानि अज्ञात के करीब अज्ञेय की खोज […]

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मानो या ना मानो : यात्रा एक तांत्रिक मंदिर की

चौथे दिन मैं भैरव पहाड़ी पर पहुंचा तो कोहरा-सा छाया हुआ था, पर कुछ ही समय बाद कोहरा छंट गया और प्रखर धूप निकल आई. यह मेरे लिए शुभ संकेत था. भैरव पहाड़ी की चढ़ाई अत्यंत कठिन और श्रम-साध्य है. लगभग पांच घंटे की जी-तोड़ चढ़ाई के बाद ही मैं ऊपर पहुँच सका. सामने ही […]

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मानो या न मानो : मृत्यु पश्चात भी लक्ष्मण बन करता रहा बड़े भाई की रक्षा

कहानी है ये उस लोक के चमत्कार की, कहने वाले उसको छठी इन्द्री हैं, कोई भ्रम पर जो जानते हैं, वो मानते हैं कि वो लोक है। मेरे जीवन में अनेक घटनाएं है उस दुनिया की। पर ये घटना घटी थी मेरे पिता के जीवन में। मेरे दादा आर्थिक स्थिति में निम्न वर्ग में आते […]

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मानो या ना मानो : खजाने के रखवाले या मार्गदर्शक तीन बाबा

ये हैं सुशील जी उर्फ पिल्लू और उनके सुपुत्र रोहित. ये दोनों घरों में पुताई का काम करते हैं, जब मेरे बच्चों ने दीवारों पर जी भर कर चित्रकारी कर ली तब दादाजी ने इन दोनों को बुलाया और पूरे घर भर की पुताई करवाई. अब आप सोच रहे होंगे इन दोनों में ऐसी क्या […]

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मानो या ना मानो : वामांगी-उत्सव पुनर्जन्म एक प्रेमकथा

वामांगी, जिसका ज़िक्र पहले आता है उसके बाद आती है वह.. पैरों की ऊंगलियों के नाखून बढ़ाकर रखती है, लेकिन उस पर महावर नहीं होता, बाकी उसके महावर से रंगे पाँव जहाँ जहाँ पड़ते हैं रास्ता गुलाबी हो जाता है। पैरों में पायल नहीं बस काला धागा डाले रहती है, जैसे नदी के दुधिया पानी […]

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मानो या ना मानो -7 : महासमाधि की झलक

पिछले महीने ‘युगन युगन योगी’ यह पुस्तक एक मित्र के माध्यम से जादुई रूप से पहुँची थी… यूं तो मैं आजकल सद्गुरु को दिन रात यूट्यूब पर सुनती रहती हूँ, लेकिन पुस्तक पढ़ने का जादू क्या होता है वो मैंने ‘वर्जित बाग की गाथा’ और ‘हिमालायीवासी गुरु के साए में श्री एम’ पुस्तक से जाना […]

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मानो या ना मानो – 2 : हनुमान दर्शन

(यह पिछले वर्ष मुझ पर हुए आध्यात्मिक प्रयोग पर लिखी सम्पूर्ण घटना जीवन पुनर्जन्म का एक अंश भर है) उन दिनों मैं पिछले जन्म में हुए किसी गुनाह के भय से जूझ रही थी जिससे मुक्त करने के लिए मुझ पर प्रयोग हो रहे थे। भय से मुक्ति के लिए एकमात्र साधना है हनुमान तत्व […]

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