मानो या न मानो : रहस्यों को हृदय में समेटे इंतज़ार करो अपनी पारी का

मेरा मानना है कि जादू टोना, गंडा ताबीज, नज़र लगना, व्रत करके भूखे मरना, ढोंगी बाबाओं को गुरू बनाना और…

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मानो या ना मानो : यह महफिल है मस्तानों की, हर शख्स यहाँ पर मतवाला

वेद में एक बहुत ही सुन्दर मंत्र है – “कस्मै देवाय हविषा विधेम”. ऋषियों के सम्मुख एक बहुत बड़ा प्रश्न…

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मानो या ना मानो : ऊपरी हवा का टोना और अंतर की आस्था का जादू

आज आपबीती लिखने जा रहा हूँ। कुछ ऐसी घटनाएं जो जीवन में सबक बन कर आती हैं और आप किंकर्तव्यविमूढ…

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मानो या ना मानो : रहस्यमयी रंगोली

हमारा समाज छद्म व्यवहार की नींव पर टिका है. हम यदि वास्तविक व्यवहार ज्यों का त्यों करने लगेंगे तो इस…

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मानो या ना मानो : यात्रा एक तांत्रिक मंदिर की

चौथे दिन मैं भैरव पहाड़ी पर पहुंचा तो कोहरा-सा छाया हुआ था, पर कुछ ही समय बाद कोहरा छंट गया…

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मानो या न मानो : मृत्यु पश्चात भी लक्ष्मण बन करता रहा बड़े भाई की रक्षा

कहानी है ये उस लोक के चमत्कार की, कहने वाले उसको छठी इन्द्री हैं, कोई भ्रम पर जो जानते हैं,…

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मानो या ना मानो : खजाने के रखवाले या मार्गदर्शक तीन बाबा

ये हैं सुशील जी उर्फ पिल्लू और उनके सुपुत्र रोहित. ये दोनों घरों में पुताई का काम करते हैं, जब…

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मानो या ना मानो : वामांगी-उत्सव पुनर्जन्म एक प्रेमकथा

वामांगी, जिसका ज़िक्र पहले आता है उसके बाद आती है वह.. पैरों की ऊंगलियों के नाखून बढ़ाकर रखती है, लेकिन…

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मानो या ना मानो -7 : महासमाधि की झलक

पिछले महीने ‘युगन युगन योगी’ यह पुस्तक एक मित्र के माध्यम से जादुई रूप से पहुँची थी… यूं तो मैं…

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