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Tag: Malinin Awasthi

मुझ जंगली का मन तो जंगल में ही भटकता है

बचपन के दिनों में खाए गए फलों को याद करती हूँ तो दो तीन चीज़े दिमाग में कौंध जाती है, और मैं ‘हाय वो भी क्या दिन थे’ सोचकर बचपन की गलियों में उतर जाती हूँ… जहां माँ गर्मियों के मौसम में रस वाले नरम आम की टोकनी, एक बड़ा सा तपेला लेकर बैठती थी […]

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