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Tag: Ma Kali

मानो या ना मानो : रहस्यमयी रंगोली

हमारा समाज छद्म व्यवहार की नींव पर टिका है. हम यदि वास्तविक व्यवहार ज्यों का त्यों करने लगेंगे तो इस समाज की बुनियाद हिल जाएगी और वो भरभराकर नीचे गिर पड़ेगा….. लेकिन हम असामाजिक होने के साथ ही आदिम हो जाएंगे, एकदम बीहड़ लेकिन प्रकृति के एकदम करीब… यानि अज्ञात के करीब अज्ञेय की खोज […]

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मानो या ना मानो : साक्षात माँ काली से बातें करता है वह!

आठ साल बाद हरेन्द्र फिर से मेरी ज़िंदगी में अचानक से आ गया है. दो-तीन दिन पहले मुझसे मिलने ग्वालियर से दिल्ली आया था. पहली बार 2010 में एक मित्र हरेन्द्र को मेरे कमरे पर मिलने के लिए ले आये थे. उन्होंने मुझे चुपके से बताया था कि इस पर माँ दुर्गा का वास है, […]

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काली

कुंठा, पीड़ा, तड़प, अकुलाहट और प्रतीक्षा की लम्बी यात्रा के बाद जब आपका पूरा अस्तित्व ही प्रश्न में परिवर्तित हो जाये तब जाकर उत्तर प्रकट होता है. प्रश्न सिर्फ एक ही होता है अमूमन सबका … आखिर मेरे साथ ही क्यों? उत्तर काली के इस चित्र के साथ प्रकट हुआ, माध्यम हमेशा की तरह ध्यान […]

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संतानवती की ओर से माँ शीतला को धन्यवाद

यह तस्वीर देखकर किसी के मन में ‘आस्था’ जागेगी, किसी के मन में ‘अन्धविश्वास’… लेकिन इसे देखकर मेरे हृदय के अश्रु कुण्ड में एक बड़ी सी लहर जागी और भरे कंठ के साथ मेरी चेतना भी जैसे माँ के चरणों में ऐसे साक्षात दंडवत हो गयी… तब तक ना मैंने इस तस्वीर के पीछे के […]

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