Menu

Tag: Ma Jivan Shaifaly

कुछ दिल ने कहा… कुछ भी नहीं…

संवाद की उत्कंठा की पराकाष्ठा पर ही प्रस्फुटित होता है मौन. मौन, जो उस कल्पवृक्ष का बीज है, जो प्रार्थनाओं के पानी से पाता है अपना सम्पूर्ण स्वरूप…. प्रेम-यात्रा की राह पर खड़ा यह कल्पवृक्ष उस मील के पत्थर के समान है, जहाँ से तुम जब भी दुबारा गुज़रोगे, तुम्हें याद आएंगी वो बातें, जो […]

Read More

जब तक श्रम नहीं करेंगे, पाप नहीं धुलेंगे, जब तक पाप नहीं धुलेंगे, फैट नहीं घुलेंगे

आधुनिक जीवन शैली ने हमें और कुछ दिया हो या ना दिया हो, एक बहुत ही आरामदायक ज़िंदगी ज़रूर दी है. बस एक बटन दबाओ और काम शुरू और इससे बड़ी बात काम ख़त्म होने पर बटन बंद करने जितनी मेहनत भी नहीं करना है. फिर चाहे रसोई में माइक्रोवेव अवन का बटन हो या […]

Read More

भूख

भूख कई तरह की होती है. तन की भूख, मन की भूख, मस्तिष्क की भूख, आत्मा की भूख, परमात्मा की भूख…. व्यक्ति इसी क्रम में अपनी भूख मिटाते हुए जन्मों की यात्रा को पूरा करता है… कई बार किसी को इन सारे पड़ावों को एक ही जन्म में पार कर जाने का सौभाग्य भी प्राप्त […]

Read More

जीवन : कांच के टुकड़े से प्रिज़्म होने की यात्रा

किसी मध्यम मार्गी को अचानक से उठाकर अति पर पटक दिया जाए तो वो खुद को संसार से दूर एक सुनसान टापू पर खड़ा अनुभव करता है, जहाँ उसके अलावा उसे मनुष्य नाम का कोई जीव नहीं मिलता… जहाँ एक शाकाहारी सामाजिक इंसान को अपना जीवन बचाए रखने के लिए जंगली जानवर को मारकर खाने […]

Read More

सदमा : अंग्रेज़ी वर्णमाला का नौवां वर्ण ‘I’ यानी ‘मैं’ का खो जाना

प्रेम का नफरत में बदल जाना, प्रेम में धोखा खाना, यहाँ तक कि प्रेम का मर जाना भी बर्दाश्त हो जाता है… नीलकंठ की तरह कंठ में इस पीड़ा को धारण किये भी कभी कभी इंसान पूरा जीवन गुज़ार लेता है. कुम्भ के विशाल मेले में पिता की ऊंगली छूट जाने से खो गए किसी […]

Read More

मनुष्य या एलियंस : मिलिए दुनिया के 7 अद्भुत बच्चों से

यूं तो हर माता पिता को अपना बच्चा दुनिया का सबसे अद्भुत बालक लगता है. लेकिन आज हम आपको वाकई ऐसे अद्भुत बच्चों से मिलवा रहे हैं जिनके पास कोई सुपर पावर होने के कयास लगाए जाते हैं. आजकल के बच्चे टीवी पर सुपर पावर वाले कार्टून्स या सीरियल देखते हैं तो उनको लगता है […]

Read More

जीवन के MONACO BISCUITS पर कुछ TOPPINGS हो जाए!

बिस्कुट एक ऐसी चीज़ है जो अमूमन सभी उम्र के लोग खाते हैं. चाय में डुबोकर, शाम की हल्की भूख के समय, या यूं ही कभी मन हो आता है बिस्कुट खाने का. आलू ही की तरह बिस्कुट हर जगह फिट हो जाते हैं, चाहे नाश्ता हो या खाना. इसको खाने का कोई निश्चित समय […]

Read More

कितनी फीकी थी मैं, सिन्दूरी हो जाऊं… ओ सैंया…

जिनके घर कॉलोनी के नहीं, मोहल्लों और गली के नामों से पहचाने जाते हैं वही जान सकते हैं मुम्बई की चाल में रहने वालों का इश्क. इसे पहली बार फिल्म ‘कथा’ में देखा था, पड़ोसी से शक्कर, चाय-पत्ती माँगने के बहाने मिलने जाना भी बहुत रोमांटिक लगता था. कॉलोनी में रहने वालों से हम पड़ोस […]

Read More

प्रस्तुतिकरण का मस्का और ऑनलाइन शॉपिंग का चस्का

एक दिन दोनों बेटे मेरे पास आए – क्या आपके पास नौ हज़ार नौ सौ निन्यानवे रुपये हैं? नहीं, मेरे पास तो नहीं है… मुझे तो ये भी नहीं पता नौ हज़ार नौ सौ निन्यानवे लिखते कैसे हैं… लेकिन आपको क्यों चाहिए है? अरे… चार बार 9 लिखो और नौ हज़ार नौ सौ निन्यानवे रुपये […]

Read More

कायाकल्प संकल्प के जादू से : वज़न कम करने के लिए करें ये आसान उपाय

इस समय यदि सबसे बड़ी कोई समस्या शरीर को लेकर लोगों में है, तो वो है वज़न बढ़ने की समस्या. और बावजूद इसके सबसे बड़ा सपना यदि लोग देख रहे हैं, तो वो है छरहरी काया पाने का सपना. छरहरी काया पाना तो सब चाहते हैं लेकिन बैठे बिठाये. ना उन्हें खाने पीने में परहेज़ […]

Read More
error: Content is protected !!