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Tag: Ma Jivan Shaifaly

चरित्रहीन -2 : मैं ईश्वर की प्रयोगशाला हूँ

(उसके लिए भविष्यवाणी हुई है कि यह उसका अंतिम जन्म है… और इस जन्म में उसे पिछले सारे जन्मों के हिसाब पूरे करना है, चाहे वह हिसाब प्रेम का हो, नफरत का हो, अपमान का हो.. उसे पता है यदि वह किसी से प्रेम पाती है तो वह पिछले अधूरे छूटे प्रेम का पूर्ण होना […]

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चरित्रहीन – 3 : तुम्हारा प्रेम बीज है, मेरा प्रेम सुवास

पश्चिम की एक बहुत प्रसिद्ध अभिनेत्री मर्लिन मनरो ने आत्महत्या की, भरी जवानी में! और कारण? कितने प्रेमी उसे उपलब्ध थे! ऐरे-गैरे-नत्थू-खैरों से लेकर अमरीका का राष्ट्रपति कैनेडी तक, सब उसके प्रेमी! तो भी वह प्रेम से वंचित थी। प्रेमियों की भीड़ से थोड़े ही प्रेम मिल जाता है। प्रेम तो एक आत्मीयता का अनुभव […]

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चरित्रहीन – 4 : उड़ियो पंख पसार

और फिर एक दिन… स्वामी ध्यान विनय मुझसे पूछने लगे base camp का अर्थ जानती हो? मैंने कहा आप पूछ रहे हैं तो ज़रूर कोई और ही अर्थ बताने वाले होंगे… बताइये.. जब लोग पर्वतारोहण करने जाते हैं तो अपना सारा सामान नीचे base camp में ही छोड़ जाते हैं बस ज़रूरी सामान लेकर ऊपर […]

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ईश्वर के दूत : साहित्यकार आबिद सुरती और आईटी प्रोफेशनल विमल चेरांगट्टू

वे मेरी नज़र में ईश्वर के दूत हैं, जो मानव सेवा के लिए किसी मदद की प्रतीक्षा नहीं करते, ना ही ईश्वर की कृपा बरसने की राह देखते हैं, जिन्हें अपने हौसलों पर विश्वास होता है, वह अपना पहला कदम स्वयं बढ़ाते हैं. और इस पहले कदम के बढ़ने के साथ ही ईश्वर की कृपा […]

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तन नुं बनावे तम्बूर अने मन ना करे मंजीरा, तो तमे मानजो के ए हशे, राधा ने कां मीरा

एक राधा, एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा अन्तर क्या दोनों की चाह में बोलो इक प्रेम दीवानी, इक दरस दीवानी राधा ने मधुबन में ढूँढा मीरा ने मन में पाया राधा जिसे खो बैठी वो गोविन्द और दरस दिखाया एक मुरली एक पायल, एक पगली, एक घायल अन्तर क्या दोनों की प्रीत में […]

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नायिका -3 : Introducing सूत्रधार

हर फिल्म का एक नायक होता है………….. और होती है एक नायिका……………………. फिल्म चाहे पुरानी हो या नई………. हर फिल्म में एक नायक होता है…………. और होती है एक नायिका…………… बात चाहे नायक की सफलता की हो या असफलता की………… हर नायक के पीछे होती है एक नायिका……….. बात चाहे प्रेम की हो रही हो […]

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मानो या ना मानो : यात्रा एक तांत्रिक मंदिर की

चौथे दिन मैं भैरव पहाड़ी पर पहुंचा तो कोहरा-सा छाया हुआ था, पर कुछ ही समय बाद कोहरा छंट गया और प्रखर धूप निकल आई. यह मेरे लिए शुभ संकेत था. भैरव पहाड़ी की चढ़ाई अत्यंत कठिन और श्रम-साध्य है. लगभग पांच घंटे की जी-तोड़ चढ़ाई के बाद ही मैं ऊपर पहुँच सका. सामने ही […]

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ना उम्र की सीमा हो, ना जन्मों का हो बंधन

रिश्तों के कोंपल उसी मिट्टी में अंकुरित होते हैं, जहाँ अनुकूल वातावरण मिलता है, फिर चाहे विवाह हो, प्रेम हो या फिर दोस्ती. किसी भी रिश्ते को फलने-फूलने में सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है, सामंजस्य की, सहनशीलता की और प्रेम की. जिस रिश्ते में इनमें से कोई एक भी चीज कम हो तो रिश्ते की […]

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नायिका -2 : Introducing NAAYIKA

बात 2007 की है जब नायिका एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करती थी. तनख्वाह इतनी थी कि उस ज़माने के हिसाब से घर खर्च निकालने के बाद चाहे जितना रूपया खुद पर खर्च कर सकती थी. बाज़ार गए हैं कोई साड़ी एक नज़र में पसंद आ गई तो बस चाहिए, फिर चाहे वो 100 […]

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अनोखी रात : क्या होगा कौन से पल में, कोई जाने ना

मैं तुम्हारे लिखे एक-एक अक्षर पर पाँव धर पार कर लेती हूँ हर वो कविता जो तुम विरह की रात में लिखकर बहा देते हो बनारस के घाट पर… ताकि मुझ तक पहुँच न सके… और उन्हीं अक्षरों को मैं यहाँ नर्मदा में पाँव डाले प्रतीक्षा की बेड़ी बना लेती हूँ… यही अंतिम बंधन है […]

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