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Tag: Ma Jivan Shaifaly

नायिका -16 : आप सामने हो तो भला क्यों कोई पलक झपकने जितना समय भी गंवायेगा?

नायिका – अब आपकी उम्मीद कितनी बड़ी है ये तो मुझे नहीं पता ना…. ख़त तो बहुत बड़ा नहीं है, हाँ आपके गाने सुनते हुए जो महसूस किया उसे कमेंट्स में डालती गई… देख लेना… और जाऊँ मतलब? तुम जाते ही कहाँ हो….. भूत जो हो मँडराते रहते हो आसपास….. ऊपर से अपनी आँखें भी […]

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कहानी : सोलह साँसें, द्वार दूसरी दुनिया का

बिस्तर पर चढ़ने के बाद पहले चार साँसें चित्त अवस्था में लो, फिर आठ साँसें दाईं करवट से, फिर सोलह साँसें बाईं करवट से…. आपका यह सोलह साँसों वाला कंसेप्ट सुनकर तो मुझे वह गीत याद आता है… एक सौ सोलह चाँद की रातें और एक तुम्हारे काँधे का तिल??? हाँ वही तो… ठीक है […]

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बब्बा, मैं जीवन सिखाती हूँ

बात दो तीन दिन पहले की है, जब मेकिंग इंडिया की पिछले वर्ष की यादें अपनी फेसबुक वाल पर शेयर करने के लिए जैसे ही वेबसाइट पर 14 तारीख पर गयी. तो एक बहुत खूबसूरत दृश्य देखा. शुरू की दो ख़बरों में एक में मेरी तस्वीर थी एक में बब्बा (ओशो) की. मेरी तस्वीर वाले […]

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नायिका -15 : किताबें पढ़ी ही नहीं, सुनी भी जाती हैं!

नायिका – ये 8 रोटी वाली बात समझ नहीं आई…. समझा कर रखना कल आकर पढ़ूँगी… कहा था… कुछ याद है? विनायक – हम भी सारे जहान का बोझ उठाए फिरते हैं पर इतनी कमज़ोर तो नहीं हमारी याददाश्त जितनी लोगों की…. आपने जब पूछा था कि कुछ तो काम करते होंगे…. तो लंबी चौड़ी […]

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VIDEO : पिक्चर अभी बाकी है दोस्त

तो पिछले वीडियो में मैंने वादा किया था कि जीवन के एक स्वर्णिम नियम के बारे में बताऊंगी जो मैंने जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों से जाना है… बाकी आपने बड़े बड़े ग्रंथों में पढ़ा होगा कि जीवन एक माया है… और मैं आप सबकी सुविधा के लिए इसे एक फिल्म कह देती हूँ. तो जीवन […]

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यात्रा : झुमका गिरा रे, बरेली के बाज़ार में

शायद ही कोई होगा जिसने यह गाना नहीं सुना होगा, लेकिन आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि आखिर झुमका बरेली में ही क्यों गिरा, जबकि दिल्ली का मीना बाज़ार अधिक प्रसिद्ध है, और मुम्बई की भीड़ देखो सबसे ज़्यादा धक्का मुक्की वहीं होती है तो सबसे ज़्यादा चांस झुमके के गिरने के […]

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VIDEO : मुझको भी तो लिफ्ट करा दे

आपने अदनान सामी का अमिताभ बच्चन पर फिल्माया यह गाना ज़रूर सुना होगा… ऐसो वैसो को दिया है, कैसो कैसो को दिया है… मुझको भी तो लिफ्ट करा दे… मैं अक्सर सोचती हूँ क्या कोई गाना जब लिखा जाता है तो वास्तव में उसका वही अर्थ होता है जिस उद्देश से लिखा गया है? यूं […]

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मैं हूँ, मैं हूँ मैं हूँ डॉन…

मेरे घर के पास बड़ा सा आँगन है, चूंकि वहां आवाजाही अधिक नहीं कर पाते इसलिए वह आँगन प्राकृतिक जंगल में परिवर्तित हो चुका है. तो वहां कुत्ते बिल्ली के अलावा सांप और नेवले भी उछलकूद मचाते रहते हैं, बारिश के दिनों में तो पानी इतना भर जाता है कि मछलियाँ तक तैरने लगती हैं. […]

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नायिका – 14 : पहले आप… कहा ना पहले आप… नहीं पहले आप…

नायिका- हाँ, ब्लॉग पढ़ा था अगले दिन… अचम्भित रही दो दिन तक… अब भी हूँ… कोई ऐसा भी होता है!!! इस उम्र तक अपना बचपन बचाकर रख सकता है? आज मैं पूछती हूँ… WHO ARE YOU? किसी समन्दर को चंचल सरिता की तरह बहते पहली बार देख रही हूँ. नायक, विनायक, मोटू…. क्या कहूँ तुम्हें… […]

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यात्रा : अहिल्या की नगरी इंदौर

शहरों में एक शहर सुना है, शहर सुना है दिल्ली, दिल्ली शहर में चांदनी नाम की लड़की मुझसे मिल ली… अब आप सोच रहे होंगे इंदौर शहर की बात शुरू करने के लिए मैं दिल्ली पर गाना क्यों गा रही हूँ क्योंकि जब भी मैं इंदौर जाती हूँ तो मैं खुद चांदनी जैसा अनुभव करने […]

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