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Tag: Love

ना उम्र की सीमा हो, ना जन्मों का हो बंधन

रिश्तों के कोंपल उसी मिट्टी में अंकुरित होते हैं, जहाँ अनुकूल वातावरण मिलता है, फिर चाहे विवाह हो, प्रेम हो या फिर दोस्ती. किसी भी रिश्ते को फलने-फूलने में सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है, सामंजस्य की, सहनशीलता की और प्रेम की. जिस रिश्ते में इनमें से कोई एक भी चीज कम हो तो रिश्ते की […]

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बुज़ुर्गों का ध्यान रखने में भारत सबसे अंतिम नंबर पर!

ग्लोबल रिटायरमेंट इंडेक्स में 34 देशों में किये गये एक सर्वे में हमारा देश सबसे आखिरी नम्बर पर यानि कि 34वें नम्बर पर आया है। सेवानिवृत्त होने के बाद लोगों की दशा खराब हो जाती है। बुज़ुर्गों की तरफ जो ध्यान देना चाहिए वो नहीं दिया जाता। सरकार और परिवार दोनों को इस मुद्दे पर […]

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पैसा, प्रेम, परमात्मा : प्रचलित, प्रचलन, प्रचोदयात

जैसा कि मेरे साथ हमेशा होता है मेरा रचनात्मक संसार मेरे साथ कोई न कोई खेल खेल रहा होता है, अधिकतर अर्ध चैतन्य अवस्था में कोई शब्द मुझे पकड़ा दिया जाता है और कहा जाता है बुनो इसके आसपास ताना बाना। अरे भाई यहाँ कोई शब्दों और ज्ञान का खज़ाना थोड़ी ना बंट रहा है […]

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मानो या ना मानो : वामांगी-उत्सव पुनर्जन्म एक प्रेमकथा

वामांगी, जिसका ज़िक्र पहले आता है उसके बाद आती है वह.. पैरों की ऊंगलियों के नाखून बढ़ाकर रखती है, लेकिन उस पर महावर नहीं होता, बाकी उसके महावर से रंगे पाँव जहाँ जहाँ पड़ते हैं रास्ता गुलाबी हो जाता है। पैरों में पायल नहीं बस काला धागा डाले रहती है, जैसे नदी के दुधिया पानी […]

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जा वे सजना… मैं नईं करना तेरा एतबार…

पहाड़ी प्रेमाकांक्षी इकतरफ़ा होते हैं। जिनमें प्रेमी सदा समुंदर के तटीय मैदानी परदेस से आते तो हैं और प्रेमिका के दिल मे देस भी बसाते हैं फिर रुत बदलते ही रुत की ही तरह बदल जाते हैं। अपने देस याने के परदेस के हो लेते हैं। यह बात तनिक भी झूठी नहीं। न जाने कितनी […]

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द क्वीन ऑफ़ चैस!

उसका नाम रहने ही दीजिए, “क्वीन” काफ़ी नहीं? बहरहाल, उसका नाम था : गुंजन। बड़ी बड़ी काली सफ़ेद गोटियों-सी आखें, चौकोर सा कोमल मुख, आक्रामक भाव-भंगिमाएँ और ढेर सारी बातें। कुल मिला कर ठीक वैसी ही थी मानो संगमरमर के शतरंज की “क्वीन” उठ कर मानव रूप में आ गयी हो! लड़के के कॉलेज से […]

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बनारस : एक रहस्यमय आध्यात्मिक प्रेम कहानी

कुछ दिनों पहले फिल्म बनारस का अंत देखा, कुछ आधे एक घंटे की ही फिल्म देखी, कहानी ऐसी कि हर दृश्य पर आंसू निकलते रहे, दो कारणों से। पहला, बनारस की पृष्ठभूमि पर बनी एक रहस्यमयी प्रेम कथा को फिल्म चालबाज़ के निर्देशक पंकज पराशर ने बिलकुल ही चालबाज़ स्टाइल में बनाकर फुर्सत पा ली […]

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Life Love Liberation : ध्यान ही जीवन, जीवन ही प्रेम, प्रेम ही परमात्मा

मैं अपनी बात शुरू करूं इसके पहले जानिये बब्बा क्या कह रहे हैं, कोई आध्यात्मिक गुरु, कोई ज्ञानी बात कहता है तो हम उसे जल्दी ग्रहण कर पाते हैं. लाओत्से कहता है, चलो, लेकिन ध्यान नाभि का रखो. बैठो, ध्यान नाभि का रखो. उठो, ध्यान नाभि का रखो. कुछ भी करो, लेकिन तुम्हारी चेतना नाभि […]

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प्रेम

मुंबई डायरी पलकों के नीचे जब पसरने लगती है उदासी तो जाते-जाते छोड़ जाती है सुरमे-सा काला रंग, हालांकि मैं नहीं सहेजना चाहती उदासी के बाद आँखों के नीचे बच गए इन गहरे काले निशानों को, पर इन्हीं उदासियों के साथ ही तो लिपटकर तुम्हारी यादें उतरती हैं मेरे हिस्से में…. मैं सोचती हूँ कि […]

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पण्डित राज और लवंगी : गंगा की गवाही कि प्रेम न हारा और धर्म भी जीता

सत्रहवीं शताब्दी का पूर्वार्ध था. दूर दक्षिण में गोदावरी तट के एक छोटे राज्य की राज्यसभा में एक विद्वान ब्राह्मण सम्मान पाता था, नाम था जगन्नाथ शास्त्री. साहित्य के प्रकांड विद्वान, दर्शन के अद्भुत ज्ञाता. इस छोटे से राज्य के महाराज चन्द्रदेव के लिए जगन्नाथ शास्त्री सबसे बड़े गर्व थे. कारण यह, कि जगन्नाथ शास्त्री […]

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