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Tag: Love Story

नायिका – 13 : विनय + नायक = विनायक

नायिका – डर तो अब भी है… एक औरत होने का………. डर अब भी है ……… रिश्तों और बातों में पारदर्शिता का डर अब भी है………………… शनिवार की रात के सपने का और रविवार की रात की बैचेनी का .. सपनों वाली रात …..एक अदृश्य सा व्यक्ति मेरे साथ घूम रहा है….. मैं खाना खा […]

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नायिका – 11 : जल की कोख से

नायक – इतने तो लेखक हैं और संसार भर के विषयों पर लिख रहे हैं, मै भी लिखूँ? अरे बचा क्या है लिखने के लिये, ऊपर से मेरा लिखने का ये ढंग, अब तो लिखे हुये पर शर्म आ रही थी. अभी तक जिनकी आवाज़ आदेशों के रूप मे कानों में गूंज रही थी, सहसा […]

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प्रतीक्षा-मिलन : अंतर्मन की भाषा का शाब्दिक प्रकटन

देखिये मैं बहुत संकोची स्वभाव का हूँ, बहुत कम इस शैली में बात करता हूँ… आपने आग्रह किया तो कह दिया… वर्ना मुझे बहुत कष्ट होता है अंतर्मन की भाषा को शब्दों में प्रकट करना… यह तो ऐसा ही है ना जैसे आप चेतना को देह देने का प्रयास कर रहे हैं… अंतर्मन के भाव […]

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नायिका – 9 : क्यों दुखता है दाँत? ऐसे में मीठा कम बोलना चाहिए!!!!

नायिका का अगला ई-मेल – अभी अभी फिर किसी से तनातनी हो गयी…. खैर झगडालू हूँ लेकिन कुछ लोगों के लिए.. झगड़ने के बाद मन खराब हो जाता है… खराब मन लिए बैठी हूँ आपके सामने… एक साया-सा रूबरू क्या है… सुन रही हूँ अपलोड किया है आप भी सुनिए या फिर बताइये आपके पसंद […]

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दिल चाहता है : प्रेम कथा भक्ति और ज्ञान की

परमात्मा के जन्म की कोई कहानी यदि होती तो परमात्मा के जन्म के साथ जुड़ी होती परमात्मा के प्रति आस्था और भक्ति. चूंकि परमात्मा सनातन है… इसलिए उसके साथ भक्ति भी सनातन हुई. हाँ ज्ञान ने अवश्य मनुष्य के जन्म के साथ सृष्टि में प्रवेश पाया, चाहे वो अमैथुनीय सृष्टि के जन्म की बात ही […]

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मिलन : छठा तत्व

काया विज्ञान कहता है: यह काया पंचतत्वों से मिलकर बनी है- पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश. लेकिन इन पाँचों तत्वों के बीच इतना गहन आकर्षण क्यों है कि इन्हें मिलना पड़ा? कितने तो भिन्न हैं ये… कितने विपरीत… कहाँ ठहरा हुआ-सा पृथ्वी तत्व, तरंगित होता जल तत्व, प्रवाहमान वायु तत्व, और कहाँ अगोचर आकाश […]

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अँगरेज़ की कहानी : जादूगरनी

You are my dream girl यही तो कहा था मैंने उसे… और जब उसने कहानियाँ लिखना शुरू की तो मुझे ही अपने स्वप्न लोक में उतार लाई… अब उसे जादूगरनी ना कहूं तो क्या कहूं… कौन किसके सपनों का पात्र है यही तय नहीं हो पा रहा…. कभी किताबों में पढ़ी थीं ऐसी कहानियाँ… रहस्यलोक […]

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अंगरेज़ का रंगरेज़ हो जाना

अंगरेज़…. कहने लगा मैं आप पर एक कहानी लिखूंगा… मेरी कहानी का पात्र… मेरी ही कहानी में प्रकट होकर कह रहा मैं उस रचयिता पर कहानी लिखूंगा जिसने मुझे रचा है… दो कहानियां एक दूसरे में उलझ रही थीं… जैसे कल्पवृक्ष पर चढ़ती दो बेलें… अपनी अपनी कामनाएं दर्ज़ करती हुईं… तुम्हारी जुल्फों के पेंच […]

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अंगरेज़न : जंगल की रानी

जिनको जिनको भी मिलना है लिखा इश्क़ मिलवायेगा दूर दूर से ढूंढ ढूंढ के पास ले आएगा कहीं भी जाके छुपो इश्क़ वहीँ आएगा कितना भी ना ना करो उठा के ले जायेगा मानो या न मानो ये सारी ही दुनिया इसी के दम पे चले… यह सिर्फ एक गीत नहीं, मेरे जीवन का रहस्य […]

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एक कहानी : नाम याद नहीं मुझे…

क्लास, सातवीं से आठवीं हो गई तब महसूस किया कि कुछ बदल रहा है। कपड़ों में सलवार दुपट्टे की गिनती बढ़ी। मम्मी पहले से ज्यादा चौकन्नी हो गयीं। थोड़ी दुपट्टे को लेकर मैं भी सतर्क हुई। स्कूल जाने के लिए सहेलियों का एक ग्रुप साथ हो गया। लड़कों का कोई झुण्ड देखते ही सिर झुक […]

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