कहानी : सोलह साँसें, द्वार दूसरी दुनिया का

बिस्तर पर चढ़ने के बाद पहले चार साँसें चित्त अवस्था में लो, फिर आठ साँसें दाईं करवट से, फिर सोलह…

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प्रतीक्षा-मिलन : अंतर्मन की भाषा का शाब्दिक प्रकटन

देखिये मैं बहुत संकोची स्वभाव का हूँ, बहुत कम इस शैली में बात करता हूँ… आपने आग्रह किया तो कह…

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नायिका – 9 : क्यों दुखता है दाँत? ऐसे में मीठा कम बोलना चाहिए!!!!

नायिका का अगला ई-मेल – अभी अभी फिर किसी से तनातनी हो गयी…. खैर झगडालू हूँ लेकिन कुछ लोगों के…

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दिल चाहता है : प्रेम कथा भक्ति और ज्ञान की

परमात्मा के जन्म की कोई कहानी यदि होती तो परमात्मा के जन्म के साथ जुड़ी होती परमात्मा के प्रति आस्था…

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