टोपी शुक्ला : यह उपन्यास अश्लील है, जीवन की तरह!

भूमिका – मुझे यह उपन्यास लिख कर कोई ख़ास खुशी नहीं हुई. क्योंकि आत्महत्या सभ्यता की हार है. परन्तु टोपी…

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