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Tag: Book Review

टोपी शुक्ला : यह उपन्यास अश्लील है, जीवन की तरह!

भूमिका – मुझे यह उपन्यास लिख कर कोई ख़ास खुशी नहीं हुई. क्योंकि आत्महत्या सभ्यता की हार है. परन्तु टोपी के सामने कोई और रास्ता नहीं था. यह टोपी मैं भी हूं और मेरे ही जैसे और बहुत से लोग भी हैं. हम लोग कहीं न कहीं किसी न किसी अवसर पर कम्प्रोमाइज़ कर लेते […]

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यह सुरेंद्र मोहन पाठक के लिए खतरे की घंटी है…

मैं किशोरावस्था में तथाकथित लुगदी साहित्य का बड़ा प्रेमी था। हां, हमलोग उसे जासूसी नॉवेल कहते थे। सुरेंद्र मोहन पाठक, वेदप्रकाश शर्मा के साथ मैं तो जेम्स हेडली चेइज और रीमा भारती, केशव पंडित जैसों को भी खूब पढ़ता था। हालांकि, इनमें पाठकजी को पढ़कर हमेशा ही लगता रहा जैसे वह व्यक्ति अपनी वर्तमान स्थिति […]

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मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं : हस्या ई कंजर

नामचीन उपन्यासकार और पॉकेट बुक्स के शहंशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक की जब मैं नई-नई पाठिका बनी थी तब उन्हें एक लंबा सा पत्र लिखा था. वो पत्र उन तक पहुँच पाया या नहीं ये मुझे नहीं पता…. उस समय ज्योतिर्मय मेरे गर्भ में थे… 2009 में लिखे उस पत्र को मैं ज्यों का त्यों आपके […]

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किताबों की दुनिया

कवियित्री राजेश जोशी की ‘ब्रह्माण्ड का नृत्य’ संग्रह की कई रचनाओं को पढ़ते हुए मैंने महसूस किया जैसे संवेदनशील लोगों में यह फैलती चली जाएँगी और हर एक तक उसको, उसकी सी बातें कहेंगी. जैसे एक जंगल में भटका हुआ बनमाली जंगली फूलों की लताओं से प्रेम करने लगा हो और लताओं से उसकी होने […]

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मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं : अघोरी बाबा की गीता

जीवन को अपनी पूरी उन्मुक्तता से वही इंसान जी सकता है, जो उसके रहस्यों को जानता हो या उन रहस्यों की खोज में अग्रसर हो. यूं तो ये रहस्य हमारे चारों ओर खुले पड़े हैं, लेकिन इनको समझने के लिए, शुरुआती तौर पर हम हमारे ही द्वारा इजाद की गई वस्तुओं के उपयोग में सुविधा […]

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पुस्तक समीक्षा : ककनमठ, एक ऐतिहासिक प्रेम कहानी

ऐतिहासिक पुरातत्विक पृष्ठभूमि पर आधारित इस उपन्यास में भारत के अंधकार-पूर्ण काल-खण्ड को कथांकित किया गया है। सम्राट हर्षवर्धन के पश्चात् केंद्रीय सत्ता किसी की भी न रही, जिसकी वजह से देश में छोटे-छोटे राज्य स्थापित हो गए। इन राज्यों के बीच सामंजस्य न था। इस्लामी आक्रान्ताओं ने इस फूट का लाभ उठाया। किन्तु इस […]

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ओ मारिया : Paulo Coelho की पुस्तक Eleven Minutes की नायिका

अगर मुझे आज की ज़िंदगी के बारे में किसी को बताना पड़े, तो मैं इस तरह बता सकती हूँ, जिससे समझ में यह आए कि मैं एक साहसी, प्रसन्न और स्वतन्त्र महिला हूँ… बकवास : मुझे तो उस शब्द को कहने के भी इजाज़त नहीं है जो ग्यारह मिनटों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है- प्यार!!! अपने […]

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