अर्जुन – 2 : गुनाहों का देवता है हर पात्र

यार एक बात बताओ तुम मुझे परफेक्ट बनाना चाहते हो या कम्पलीट? अर्जुन भौचक्का-सा उसकी तरफ देखता रह गया. उसने…

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अर्जुन -1 : प्रस्तावना, सार्त्र से पात्र तक

एक क्रांतिकारी, अद्भुत, जैसा कभी ना लिखा गया हो ऐसा उपन्यास रचने का सपना अर्जुन को चेतना के उस तल…

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