अध्यात्म के रंगमंच पर जीवन का किरदार…

मुझसे किसी को किसी बात पर ईर्ष्या नहीं हो सकती, लेकिन बिस्तर पर करवट बदलते रहने वालों को मेरी इस आदत पर अवश्य ईर्ष्या हो सकती है कि ध्यान बाबा कहते हैं आप इतनी बड़ी कुम्भकरण हैं कि आप पास में बैठी हैं और ज़रा सी कोहनी मारकर आपको लुढ़का दो तो वहीं खर्राटे मारने … Continue reading अध्यात्म के रंगमंच पर जीवन का किरदार…