मानो या ना मानो : रहस्यमयी रंगोली

हमारा समाज छद्म व्यवहार की नींव पर टिका है. हम यदि वास्तविक व्यवहार ज्यों का त्यों करने लगेंगे तो इस समाज की बुनियाद हिल जाएगी और वो भरभराकर नीचे गिर पड़ेगा….. लेकिन हम असामाजिक होने के साथ ही आदिम हो जाएंगे, एकदम बीहड़ लेकिन प्रकृति के एकदम करीब… यानि अज्ञात के करीब अज्ञेय की खोज … Continue reading मानो या ना मानो : रहस्यमयी रंगोली