उत्पादक श्रम अर्थकारी और अनुत्पादक श्रम अनर्थकारी

उत्पादक श्रम अर्थकारी और अनुत्पादक श्रम अनर्थकारी होता है। सन्तानोत्पत्ति हेतु संसर्ग करना अर्थकारी है। केवल भोगेच्छा पूर्ति हेतु पहले सहवास करना, फिर विरक्ति होने पर पुनः भड़काऊ सामग्री की शरण में जाना, पश्चात मानसिक अशांति होने पर ड्रग्स आदि का सेवन और वहाँ से विखंडित व्यक्तित्व की पूर्ति हेतु विकृतियों को अपनाना, कुल मिलाकर … Continue reading उत्पादक श्रम अर्थकारी और अनुत्पादक श्रम अनर्थकारी