नायिका – 13 : विनय + नायक = विनायक

नायिका – डर तो अब भी है… एक औरत होने का………. डर अब भी है ……… रिश्तों और बातों में पारदर्शिता का डर अब भी है………………… शनिवार की रात के सपने का और रविवार की रात की बैचेनी का .. सपनों वाली रात …..एक अदृश्य सा व्यक्ति मेरे साथ घूम रहा है….. मैं खाना खा … Continue reading नायिका – 13 : विनय + नायक = विनायक