नायिका – 10 : उनका फरमान!!!

भला लिखना भी मजबूरी में हो सकता है क्या? न दिमाग में कोई विचार हो, न मन में कोई उमंग, कलम उठाते ही हाथ में दर्द शुरु हो जाये, न लिखने के दसियों बहाने सूझे, पर नहीं साहब, लिखना तो पड़ेगा! पर क्यों? ऐसी भी क्या विवशता है? है न, … Continue reading नायिका – 10 : उनका फरमान!!!