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मनुष्य या एलियंस : मिलिए दुनिया के 7 अद्भुत बच्चों से

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यूं तो हर माता पिता को अपना बच्चा दुनिया का सबसे अद्भुत बालक लगता है. लेकिन आज हम आपको वाकई ऐसे अद्भुत बच्चों से मिलवा रहे हैं जिनके पास कोई सुपर पावर होने के कयास लगाए जाते हैं.

आजकल के बच्चे टीवी पर सुपर पावर वाले कार्टून्स या सीरियल देखते हैं तो उनको लगता है उनमें सच में कोई ऐसी पावर है जो दुनिया में किसी के पास नहीं. लेकिन सच में इस दुनिया में कुछ बच्चे ऐसी ही असाधारण शक्ति लेकर पैदा हुए हैं, जिसको जानकार आप लोग भी दांतों तले ऊंगली दबा लेंगे.

और इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनको देखकर मन में आशंका जागती है कि यह मनुष्य है या एलियन…

तो सबसे पहले मिलिए Nong Youhui से जो दुनिया में Cat Boy नाम से जाना जाता है. चीन में रहने वाले इस बच्चे की आँखें जन्म से ही ऐसी हैं कि वो बिल्ली की तरह रात के घोर अँधेरे में भी बहुत स्पष्ट देख पाता है.

यह Youngest surgeon of the world की उपाधि ले चुका भारत का बालक Akrit Jaiswal है.

एक बार बाजू में रहने वाली लड़की का हाथ एक दुर्घटना में जल गया, और उसकी सारी ऊँगलियाँ जलकर मुट्ठी के रूप में चिपक गयी. गरीबी के कारण वो इलाज नहीं करवा सकती थी.

अक्रित ने मात्र सात वर्ष की उम्र में बिना किसी मेडिकल अनुभव के सर्जरी करके उसका हाथ बिलकुल ठीक कर दिया.

ओपेरा विनफ्रे के शॉ में उसे बुलाया गया और पूछा गया कि उसने ये कैसे किया तो उसने यही कहा उसे नहीं पता उसने ये कैसे किया. कहते हैं अक्रित आम बच्चों से अधिक विशेष है और उसे कुछ अतिरिक्त शक्तियां प्राप्त हैं.

लेकिन कई बच्चे ऐसे हैं जो इस अद्भुत की पतली रेखा से ज़रा सा चूक जाते हैं तो अद्भुत से अजीब हो जाते हैं. एक तरफ वो अद्भुत बालक प्रसिद्धि पाते हैं तो दूसरी तरफ ये अजीब बच्चे भी लेकिन उनके अनुभवों में ज़मीन आसमान का फर्क होता है… एक के पास अपार खुशियाँ हैं, तो दूसरे के पास जीवन भर पीड़ा भोगते हुए खुश रहने का जज़्बा…

इनसे मिलिए ये हैं Charlet Garside, ब्रिटेन में रहने वाली Charlet के पास दुनिया की सबसे छोटी बच्ची होने का सम्मान है. लेकिन इस सांसारिक सम्मान के लिए जीवन ने इसका बहुत बड़ा अपमान किया है.

फिलहाल वो 27 इंच लम्बी और चार किलो वज़न की है. लेकिन जब इसका जन्म हुआ था तब यह सिर्फ एक किलो की थी और लम्बाई सिर्फ दस इंच. डॉक्टर ने तो इसके जन्मते से ही मृत्यु की घोषणा कर दी थी कि यह ज्यादा दिनों तक नहीं जियेगी, लेकिन शायद उसकी खुद की जिजीविषा थी कि वो आज भी ज़िंदा है…

उम्र आठ दस साल की ही है लेकिन शरीर सिर्फ इतना ही बढ़ पाया है जैसे कोई नवजात शिशु हो. यह छोटी सी गुड़िया स्कूल जाती है और उसे पूरी दुनिया के बारे में जानना है…

 

अब इनसे मिलिए ये है करीम मियाँ. हमारी पौराणिक कथाओं में हमने बहुत सारे ऐसे लोगों के बारे में सुना है जिनका सर हाथी का है, या मुंह मनुष्य जैसा और धड़ किसी जानवर जैसा. लेकिन भारत में रहने वाले मोहम्मद करीम के हाथ ईश्वर ने ऐसे दिए जैसे मनुष्य के शरीर में हाथी के हाथ.

करीम न जाने कौन सी बीमारी से ग्रस्त है कि आठ साल की उम्र में उसके एक एक हाथ आठ आठ किलो के और आकार में भी विशाल थे. दुनिया से अलग और अजीब होने की अपनी कीमत चुकाना पड़ती है तो जहाँ वो दोस्तों के बीच मज़ाक का कारण बना तो दूसरी ओर उसे स्कूल से यह कहकर निकाल दिया गया कि उसे देखकर दूसरे बच्चे डर जाते हैं.

डॉक्टर्स ने प्रयास करके कुछ हद तक हाथ इस स्थिति में तो ला दिए कि वो अपना काम ख़ुद कर सके लेकिन फिर भी आकार सामान्य न हो सका.

हाथी जैसे हाथ वाले करीम के बाद मिलिए बीजिंग के जिराफ जैसी गर्दन वाले Fu Wengui से.

एक सामान्य मनुष्य की रीढ़ की हड्डी में 7 Vertebrae होते हैं लेकिन फू की गर्दन में तीन अतिरिक्त Vertebrae हैं, जिसकी वजह से उसे गर्दन में बहुत दर्द रहता है और चलने फिरने में भी काफी दिक्कत होती है.

इनसे मिलिए ये हैं Mermaid यानी जलपरी… जिसका आधा शरीर मनुष्य का और आधा मछली जैसा है. ये जन्म के समय से ही दो चिपके पैरों के साथ जन्मी थीं, यूं तो ऐसे बच्चों के पैर सर्जरी से अलग किये जा सकते हैं, लेकिन Shilon Pepin की रक्त वाहिकाएं ऐसी थीं कि उसके पैर अलग नहीं किये जा सके. लेकिन फिर भी वो पानी में मछली की तरह तैर लेती थीं.

ओपेरा विनफ्रे सहित बहुत सारे शॉज़ की वो सेलेब्रिटी बनीं. लेकिन फिर दस वर्ष की उम्र में निमोनिया से उसकी मृत्यु हो गयी.

आपने स्मिता पाटिल की फिल्म देबशिशु देखी होगी तो आपको याद होगा एक विकृत बच्चे को जन्म देने के बाद उसे त्याग दिया जाता है. वही बच्चा किसी और के पास पलता है जिसे वो मेले में ईश्वर के रूप में प्रस्तुत कर उसे कमाई का जरिया बना लेता है. गरीबी से जूझ रहे असली पिता को जब बात पता चलती है तो वो उसकी माँ को दोबारा वैसा ही बच्चा जनने के लिए प्रताड़ित करता है…

खैर जिस ज़माने में यह फिल्म आई थी तब मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की नहीं की थी. लेकिन आज हम जिस बच्ची के बारे में बताने जा रहे हैं, उसका नाम लक्ष्मी इसीलिए रखा गया क्योंकि हमारी पौराणिक कथाओं में देवी देवताओं के दो से अधिक हाथ होते थे. ईश्वर के इस रूप की धारणा के पीछे की सच्चाई जो नहीं जानता उनके लिए भगवान् चार या आठ हाथवाले ही हैं.

भारत की लक्ष्मी अतिरिक्त दो हाथ और दो पैर लेकर जन्मी थीं. लेकिन मेडिकल साइंस ने अब बहुत तरक्की कर ली है तो डॉक्टर्स ने ऑपरेशन से उसके अतिरिक्त हाथ और पैर निकाल दिए. और अब लक्ष्मी एक सामान्य जीवन जी रही है.

– माँ जीवन शैफाली

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