केले के पत्तों से पाएं स्वस्थ शरीर, घने बाल, सुन्दर त्वचा और बीमारियों से मुक्ति

जब से वैद्य राजेश कपूर का आशीर्वाद मिला है, मैं अधिक से अधिक प्रकृति के समीप रहने लगी हूँ, और उसके संकेतों के प्रति ग्रहणशीलता बढ़ी हुई सी अनुभव हो रही है।

अब जब घर के बाहर निकलती हूँ तो नज़रें किसी न किसी उपयोगी वृक्ष और गायों के झुण्ड पर लगी रहती है।

ऐसे ही हमारे घर के पीछे वाले घर में रहने वाले पड़ोसी कई महीने पहले कहीं और रहने चले गए। उनका आँगन हमारे घर के बाजू में बनाए हमारे जंगल नुमा आँगन से लगा हुआ है, तो मैं जब भी वहां जाती हूँ उनके आँगन में लगे केले के पेड़ पर नज़रें लगी रहती हैं।

दोनों आँगन के बीच दीवार बहुत ऊंची है और दीवार पर बाड़ भी लगी है।

घर में कोई न होने के कारण उनके आंगन का केले का पेड़ खूब फ़ैल गया है। केले के पत्तों में खाना खाने से खाने की पौष्टिकता बढ़ जाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है ये तो सुना ही था। तो मेरा मन करता रहता कि काश ये पत्ते मुझे मिल जाए।

अब मन में कामना जागी है तो शायद उस वृक्ष को भी पता चल ही गयी होगी, वह भी सोचने लगा खड़े खड़े बड़ा हुआ जा रहा हूँ चलो किसी के काम ही आ जाऊं।

यह बात इतनी प्रमाणिकता से इसलिए कह सकती हूँ क्योंकि हमारे इसी जंगल नुमा आँगन में एक नया आम का पेड़ उग आया है जो कई वर्षों से बस यूंही खड़ा है लेकिन फल नहीं दे रहा था, तो हम लोगों ने उसे बच्चे की तरह डांट लगाना शुरू कर दिया कि देखो भाई फल नहीं दोगे तो तुम किसी काम के नहीं, अगले साल तुमको हम काट देंगे।।। और फिर इस साल उस पर इतने बोर आ गए हैं कि कहना हीक्या।

ऐसा ही एक किस्सा वैद्य राजेश कपूर बताते हैं कि उनके घर का एक वृक्ष फल नहीं दे रहा था, तो उनकी पत्नी ने उसे काटने का आदेश दे दिया। ताकि उस जगह कोई और फल लगने वाले पेड़ को लगाया जा सके। तो गुरूजी कुल्हाड़ी लेकर आये और जैसे ही उस वृक्ष को काटने के लिए कुल्हाड़ी उठाई किसी का फोन आ गया, वो कुल्हाड़ी उसी पेड़ से टिकाकर बात करने चले गए और फिर उस दिन उनको कुछ आवश्यक काम से बाहर जाना पड़ा और लौटते लौटते शाम हो गयी। तो कुल्हाड़ी उठाकर रख दी गयी। और फिर उसे काटना टल गया। गुरूजी बताते हैं कि उस वर्ष फिर उस वृक्ष ने खूब फल दिए। भय बिन होय न प्रीति की तरह वृक्ष को यह भय हो गया कि मैंने फल नहीं दिया तो ये लोग मुझे काट देंगे।

कहने का तात्पर्य यह कि वृक्ष में भी उतनी ही चेतना होती है जितनी मनुष्य में।

तो आज सुबह सुबह एक व्यक्ति बाजूवाले के आँगन के केले के वृक्ष से पत्ते काटकर हमारे आँगन में फेंकने लगा। मैंने जैसे ही देखा वह व्यक्ति झेंप गया उसे लगा मैं उसे डांट लगाऊँगी हमारे आँगन में क्यों फेंक रहे हो।

लेकिन जैसे ही मैंने उसे पत्ते फेंकने के लिए धन्यवाद दिया तो वह अचंभित हुआ, बदले में कुछ और पत्ते डाल कर चला गया।

अब वह कौन था यह तो मैं नहीं जानती लेकिन फिर मैंने ध्यान बाबा की मदद से बड़े बड़े केले के पत्ते घर में रखवा लिए।

बच्चों के दादाजी आजकल देख ही रहे हैं कि कैसे मैं धीरे धीरे पूरे घर की जीवन शैली बदल रही हूँ। आजकल उनको खाना भी कांसे की थाली में दे रही हूँ और पानी ताम्बे के लोटे में।

हमने साबुन शैम्पू का प्रयोग बंद कर गेहूं, चने के आटे का उपयोग शुरू कर दिया है। जिसके बारे में विस्तृत वीडियो का लिंक मैं नीचे दे रही हूँ।

तो जैसे ही उन्होंने केले के इतने सारे पत्ते घर में लाते देखा तो तुरंत पूछा अब इसका क्या करेंगे।

ध्यान बाबा ने बस इतना ही कहा मुझे नहीं पता, इनका आदेश हुआ तो हम उठा लाए।

सोचा था चलो जितने दिन पत्ते हरे रहेंगे उतने दिन सबको इसी में खाना खिलाऊँगी। फिर सोचा एक बार खोजकर देखते हैं, केले के पत्तों के अन्य भी लाभ होंगे ही। तो जो लाभ मुझे मिले, लगा जैसे मुझे कोई खज़ाना मिल गया।

आप भी पढ़िए और केले के पत्तों का उपयोग कर इसके गुणों का लाभ उठाएं।

केले के पत्तों का काढ़ा

केले के सूखे पत्ते को पानी में उबाल लें। उबालने के बाद जैसे आप नियमित रूप से चाय पीते हैं, वैसे ही दिन में 2 बार इसका सेवन करें। टेस्टी बनाने के लिए आप इसमें थोड़ा सा शहद मिला लें। इसके सेवन से गले की खराश दूर होती है और बुखार भी ठीक होता है। पेचिश में भी इस काढ़े से लाभ होता है।

आप केले के पत्तों से तैयार काढ़े का सेवन करके प्राकृतिक रूप से अपने शरीर की इम्युनिटी को मजबूत कर सकते हैं। यही कारण है कि केले के पत्ते गले और बुखार का इलाज करने में उपयोगी हैं।

त्वचा में लाए नई चमक और झुर्रियां करे कम

केले के ताज़ा पत्तों को अच्छे से पीस लें और फिर चेहरे या पूरे शरीर पर लगाएं। इसमें मौजूद एलेन्टॉइन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की उम्र बढ़ने में मददगार होते हैं। इसके अलावा यह मुँहासे और पिम्पल्स को कम करने में भी मदद करता है और त्वचा को मुलायम रखता है।

इसके अलावा केले के पत्तों को पानी में उबाल कर ठंडा कर इस पानी से अपना चेहरा धोएं। यह पानी त्वचा को मुलायम और स्वस्थ रखने में मदद करता है।

केले के पत्तों से बालों को बनाएं लंबा घना, रूसी से मुक्त और स्वस्थ

केले के ताज़ा पत्तों को अच्छे से पीसकर मुलायम पेस्ट तैयार करें। इसके बाद इस पेस्ट को बालों पर लगाएं। इसे आधे घंटे के लिए बालों में लगा रहने दें और उसके बाद बालों को अच्छी तरह से धो लें।
यह पेस्ट बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने के लिए भी लाभकारी है।

और सबसे बड़ा फायदा है वज़न कम करना

इसके लिए आप केले के पत्तों का उपयोग दो तरीके से कर सकते हैं। पहले, अच्छे से मैश किए हुए केले के ताजा पत्तों को बॉडी मास्क के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

दूसरा तरीका है कि आप केले के पत्तों को अच्छे से उबालें और फिर 1-2 घंटे के लिए पेट, ऊपरी जांघों और ऊपरी बाहों पर लपेटकर रखें। इसके अलावा आप केले के पत्तों और अदरक से बनी एक कप चाय का सेवन भी कर सकते हैं।

Banana Leaves

दक्षिण भारत में तो केले के पत्तों का उपयोग भोजन को लपेटने के लिए तथा भोजन करने के लिए थाली की जगह करते ही हैं। आप भी अपनी थाली में केले के पत्ते बिछाकर भोजन करें। बच्चों को नूडल्स, चावल, इडली या टिफिन में व्यंजनों को इन पत्तों में लपेट कर दें, क्योंकि बच्चे एकदम से नूडल्स वगैरह खाना नहीं छोड़ेंगे तो यह विकल्प काम आएगा।

खासकर वे लोगो जो अभी मिट्टी, ताम्बे या पीतल के बर्तन उपयोग में नहीं ला पा रहे, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है। केले के पत्ते न होने पर आप थाली में पलाश के पत्तों को रख सकते हैं जिससे दोने पत्तल बनते हैं। कोशिश करें घर में डिस्पोजेबल प्लास्टिक का उपयोग करने के बजाय पारंपरिक दोने पत्तल का ही उपयोग किया जाए।
ये सारे उपाय उन लोगों के लिए बहत फायदेमंद साबित होंगे जिनको डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और थाइरोइड जैसी बीमारियों ने और एलोपैथिक दवाइयों ने अपने चुंगल में फांस रखा है।

ऐसी बहुत सारी जानकारियाँ आप इस वीडियो में देख सकते हैं। मैं ऐसे अन्य उपाय समय समय पर आपको बताती रहूँगी।

आइये लौट चलें फिर घर की ओर यानी भारत की प्राचीन सनातन जीवन शैली की ओर।

– माँ जीवन शैफाली

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