गोमय साबुन और शैम्पू : स्वदेशी वस्तु के उपयोग और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाएं कदम

कहते हैं जब आप में शिष्यत्व भाव प्रबल हो जाता है तो गुरु अपने आप प्रकट होने लगते हैं. मेरी आध्यात्मिक यात्रा में कई गुरुओं का आशीर्वाद व मार्ग दर्शन मुझे प्राप्त हुआ है. ऐसे ही वैद्य राजेश कपूर के दर्शन भी अस्तित्व की योजना अनुसार जादुई रूप से प्राप्त हुए.

वैसे तो दीक्षा लेने की प्रक्रिया होती है लेकिन मुझे लगता है वैद्य राजेश कपूर के जिस दिन प्रथम बार चरणस्पर्श करने का सौभाग्य मिला, उसी दिन मुझे उनसे दीक्षा प्राप्त हो गयी थी. क्योंकि उसके बाद जो जीवन शैली में परिवर्तन आये वे इतने अद्भुत हैं कि मैं स्वयं अचंभित होती हूँ.
मेरे कई वीडियो से आप सब ने जाना होगा कि फरवरी में वैद्य जी से मिलने के बाद पिछले तीन महीनों से मैं और मेरा पूरा परिवार खाना मिट्टी, लोहे और पीतल के बर्तनों में ही पका और खा रहा है. जिससे हम थाइरॉइड, शुगर, बीपी जैसी आम बीमारियों से हमेशा के लिए सुरक्षित हो चुके हैं.

शक्कर की बजाय हम खांड और गुड़ का उपयोग कर रहे हैं. नमक सिर्फ सेंधा और काला ही उपयोग में लाते हैं या फिर बाज़ार से खड़ा नमक लाकर उसे घर में ही हाथ से कूटकर उपयोग करते हैं.

यहाँ तक कि मैंने पिछले तीन महीनों से साबुन और शैम्पू का उपयोग पूरी तरह से बंद कर दिया है. उसकी जगह बालों में आंवला रीठा शिकाकाई और नहाने के लिए गेहूं के आटे का उपयोग करती हूँ. मेरे कई मित्रों और सखियों को भी मैंने इस बात के लिए प्रेरित किया है.

लेकिन कई लोगों के पास इतना समय नहीं होता कि वे आंवला रीठा शिकाकाई लाकर कूटे और फिर उबालकर बालों में लगाए. तो वे कई दिनों से मुझसे ऐसे साबुन और शैम्पू बनाने के लिए अनुरोध कर रहे थे जो इन सब झंझटों से मुक्त करें. और जैसा कि मेरे साथ हमेशा होता है, जब मैं ह्रदय से कोई इच्छा रखती हूँ तो अवश्य पूरी होती है. तो मैं कई दिनों से ऐसे साबुन और शैम्पू की खोज में थी जो गोमय उत्पादों से बना हो, जो न सिर्फ शरीर को साफ़ करे बल्कि एक नई ऊर्जा से आपको भर दे. और इसके अलावा उसकी कीमत भी कम हो.

ऐसे में मुझे ऐसे साबुन और शैम्पू मिल गए जो गोमय उत्पादों से बने हैं यानी गौमूत्र, गोबर, मिट्टी और भस्म से.

पहली बार उपयोग करने के बाद ही मुझे लगा जैसे खज़ाना मिल गया हो. नहाने के चोर छोटे सुपुत्र को जब इस साबुन से नहलाया तो वो तुरंत बोले… वाह कितना अच्छा लग रहा है. ध्यान रहे, मेरे साथ मैंने बच्चों पर भी नामी कंपनियों के साबुन शैम्पू का उपयोग बंद कर, घरेलू वस्तुओं से नहलाना शुरू कर दिया है. छोटे सुपुत्र को, जिसे हमेशा धूल से एलर्जी रहती थी और हमेशा खांसी बनी रहती थी, उन्हें इन घरेलू वस्तुओं के उपयोग और स्टील के बजाय मिट्टी पीतल के बर्तनों में खाना देने से आज तक खांसी नहीं हुई है.

कहने का तात्पर्य यह है कि इस अंतर को एक छोटा बच्चा भी अनुभव कर रहा है, तो हमारे लिए, जो अनेक बीमारियों से घिरे हुए हैं और एलोपैथिक दवाइयों में पैसा फूंक रहे हैं, कितना असरकारी होगा.

और स्वामी ध्यान बाबा तो पहली बार नहाकर ही इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने सीधे साबुन बनाने वाले महाशय से फोन पर बात कर ली और पता चला वे संघ से जुड़े हुए हैं, और स्वदेशी वस्तुओं को देश भर में प्रचारित प्रसारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं. उनसे बातचीत करने पर पता चला वो एक साथ सौ साबुन ही देते हैं और वो भी उनके शहर जाकर लाना होगा.

तो हमने विचार किया कि हम अकेले ही क्यों इसका साबुन का उपयोग करें बल्कि उनके इस सार्थक कार्य में सहयोग कर इसे जन जन तक पहुंचाएं.

गोबर वास्तव मैं गौमाता का दिया हुआ वह वरदान है जिसे हम भुला चुके हैं. आइये एक बार फिर उस आशीर्वाद को प्राप्त करें, और बाज़ार से विदेशी तरीकों से बने साबुन शैम्पू को विदा कर स्वदेशी वस्तु अपनाएं.

सिर्फ इसलिए नहीं कि विदेशी कंपनियों को देश से विदा करना है, बल्कि इसलिए भी क्योंकि हमने प्रामाणिक प्रयोग से ज्ञात किया है कि आजकल तरह तरह की बीमारियों और बाल सफ़ेद होने और झड़ने के अलावा त्वचा के रूखेपन और दुर्गन्ध का एकमात्र कारण विदेशी कंपनियों के रसायन युक्त साबुन और शैम्पू ही है.

तो मैं सिर्फ स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार और लोगों को रोगों से मुक्त करने के लिए यह साबुन और शैम्पू घर घर तक पहुँचाना चाहती हूँ. कामधेनु साबुन मात्र 20 रुपये (100 ग्राम) का है और शैम्पू मात्र 40 रुपये (100 ml) का है.

मेरा स्वयं का उपयोग किया हुआ है इसलिए इसकी सुरक्षा की ग्यारंटी मैं खुद देती हूँ. आप यदि इसे खरीदना चाहते हैं तो अपना नाम, पता (पिन कोड), मोबाइल नंबर के साथ मुझे Whatsapp कर दें. आपसे पूरी जानकारी लेने के बाद ही मैं इसे आप तक पहुंचाऊंगी.

कम से कम 10 साबुन के आर्डर पर ही भेज सकूंगी और कुरियर चार्ज अलग से लगेगा.

आइये स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा दें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं.

  • माँ जीवन शैफाली (Whatsapp – 9109283508)
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