चरित्रहीन – 3 : तुम्हारा प्रेम बीज है, मेरा प्रेम सुवास

पश्चिम की एक बहुत प्रसिद्ध अभिनेत्री मर्लिन मनरो ने आत्महत्या की, भरी जवानी में! और कारण? कितने प्रेमी उसे उपलब्ध…

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जिसका कोई नहीं है उसके ‘गणपति बप्पा’ हैं

गणेश चतुर्थी के त्यौहार को समग्र राष्ट्र हर्सोल्लास के साथ मना रहा है। सारे महाराष्ट्र में इस त्यौहार को मानने…

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ईश्वर के दूत : साहित्यकार आबिद सुरती और आईटी प्रोफेशनल विमल चेरांगट्टू

वे मेरी नज़र में ईश्वर के दूत हैं, जो मानव सेवा के लिए किसी मदद की प्रतीक्षा नहीं करते, ना…

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तन नुं बनावे तम्बूर अने मन ना करे मंजीरा, तो तमे मानजो के ए हशे, राधा ने कां मीरा

एक राधा, एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहाअन्तर क्या दोनों की चाह में बोलोइक प्रेम दीवानी, इक दरस दीवानी…

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उत्पादक श्रम अर्थकारी और अनुत्पादक श्रम अनर्थकारी

उत्पादक श्रम अर्थकारी और अनुत्पादक श्रम अनर्थकारी होता है। सन्तानोत्पत्ति हेतु संसर्ग करना अर्थकारी है। केवल भोगेच्छा पूर्ति हेतु पहले…

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नव युग चूमे नैन तिहारे, जागो, जागो मोहन प्यारे…

पूर्व में सूर्योदय हो चुका है। बाल अरुण अपनी पूर्ण आभा से प्रकाशित हो अपने प्रखर तेज से दसों दिशाओं…

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