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Category: May 2018

All issues of May 2018

जब तक श्रम नहीं करेंगे, पाप नहीं धुलेंगे, जब तक पाप नहीं धुलेंगे, फैट नहीं घुलेंगे

आधुनिक जीवन शैली ने हमें और कुछ दिया हो या ना दिया हो, एक बहुत ही आरामदायक ज़िंदगी ज़रूर दी है. बस एक बटन दबाओ और काम शुरू और इससे बड़ी बात काम ख़त्म होने पर बटन बंद करने जितनी मेहनत भी नहीं करना है. फिर चाहे रसोई में माइक्रोवेव अवन का बटन हो या […]

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सती -2 : जब पत्नी और पति के विचार एकाकार होते हैं, तब वह सती होती हैं

आप लोगों से निवेदन है कि पहले “सती” पर आप लोग पहला लेख पढ़ लें उसके पश्चात इसे पढ़ें. जैसा कि मैने पहले भी लिखा है तीन महानतम सतियों में सती अनुसूइया, सती सावित्री और सती जब वह शिव की पत्नी थी दक्ष की बेटी के रूप में, तीनों के पति जीवित थे जब उन्हें […]

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भूख

भूख कई तरह की होती है. तन की भूख, मन की भूख, मस्तिष्क की भूख, आत्मा की भूख, परमात्मा की भूख…. व्यक्ति इसी क्रम में अपनी भूख मिटाते हुए जन्मों की यात्रा को पूरा करता है… कई बार किसी को इन सारे पड़ावों को एक ही जन्म में पार कर जाने का सौभाग्य भी प्राप्त […]

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जीवन : कांच के टुकड़े से प्रिज़्म होने की यात्रा

किसी मध्यम मार्गी को अचानक से उठाकर अति पर पटक दिया जाए तो वो खुद को संसार से दूर एक सुनसान टापू पर खड़ा अनुभव करता है, जहाँ उसके अलावा उसे मनुष्य नाम का कोई जीव नहीं मिलता… जहाँ एक शाकाहारी सामाजिक इंसान को अपना जीवन बचाए रखने के लिए जंगली जानवर को मारकर खाने […]

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मैं थी, मैं हूँ, मैं रहूँगी…

1. इस मैं को शुक्रगुज़ार हूँ मैं वो मेरा मैं ही है जो एक वृहद् रूप लेता है अहं वाला मैं नहीं ब्रह्माण्डीय मैं जो शिव बनता है, ब्रह्मा बनता है हर चाह बिना चाहे पूरी करता है जो मेरा महबूब बनता है मेरा इश्क़, मेरा आशिक़ बनता है कि यह मेरा ही है अक्स […]

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यदि आपको चश्मिश कहलाना पसंद नहीं, तो पेश है कॉन्टेक्ट लेंस की पूरी जानकारी

कॉन्टेक्ट लेंस सिलिकॉन या इसके और ज्यादा अपग्रेड प्रोडक्ट से बने ऐसे सॉफ्ट लेंस होते हैं जो हमारी आंख के कॉर्निया(पुतली) पर लगाये जाते हैं. ये हमारी आंख और लेंस के बीच मौजूद आसुओं की परत पर तिरते से रहते हैं, कोई चिपकाने का पदार्थ नहीं होता है, और वहीं टिकते इसलिए हैं क्योंकि पूरी […]

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सती

किसी भी शब्द को समझने के लिए पीछे इतिहास में क्या हुआ है और क्यों हुआ है इसको समझना अति आवश्यक है. अब सती के रूप में तीन स्त्रियों को नाम बहुत सम्मान से लिया जाता है. सती, पार्वती का पूर्व स्वरूप जब वह दक्ष प्रजापति की पुत्री थीं. सती अनुसूइया, वह भी दक्ष प्रजापति […]

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इच्छा किसी की पूरी नहीं होती, संकल्प किसी के अधूरे नहीं रहते

तुम्हें अपने आप को मैनेज करना नहीं आता है. तुम अपने विचारों, इच्छाओं एवं कल्पनाओं में सदा खोये रहते हो और अपने आप पर कोई भी नियंत्रण नहीं है. एक के बाद एक दिन बीतते जाते हैं पर थोड़ा सा भी परिवर्तन जीवन में नहीं दिखाई दे रहा है. दिन, हफ्ते महीने, और वर्ष बीत […]

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गीत गाया पत्थरों ने….

कुछ कवितायेँ ऐसी होती हैं जिसको पढ़ते से अचानक से किसी फिल्म की कहानी याद आ जाती है. गीतिका वेदिका की यह कविता जब मैंने पढ़ी, तो पढ़ते से ही याद आई फिल्म “गीत गाया पत्थरों ने”… ऐसी कहानियां हिन्दुस्तान में ही बन सकती है कि नायक द्वारा ठुकराए जाने पर नायिका घूंघट ओढ़े उसके […]

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सदमा : अंग्रेज़ी वर्णमाला का नौवां वर्ण ‘I’ यानी ‘मैं’ का खो जाना

प्रेम का नफरत में बदल जाना, प्रेम में धोखा खाना, यहाँ तक कि प्रेम का मर जाना भी बर्दाश्त हो जाता है… नीलकंठ की तरह कंठ में इस पीड़ा को धारण किये भी कभी कभी इंसान पूरा जीवन गुज़ार लेता है. कुम्भ के विशाल मेले में पिता की ऊंगली छूट जाने से खो गए किसी […]

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