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Category: October2018

नायिका -5 : ये नये मिजाज़ का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो

अभी तक आप मिले मुझसे यानी सूत्रधार से, और पढ़े नायक और नायिका के एकदूसरे को लिखे ख़त…. …..बिल्कुल …आपकी उलझन बिल्कुल सही कि एक तरफ तो मैं कहता हूँ कि नायिका और नायक की पहली मुलाकात बाकी है और दूसरी तरफ इन खतों से लगता है जैसे दोनों एक दूसरे को बरसों से ही […]

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ए माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी

भैया.. मां कैसी दिखती होगी.. क्या तुझे याद है”? ‘भैया.. मां होती तो कितना अच्छा होता ना.. यूं खाना खाने को चाची की तरफ तो ना जाना होता..” हां ..छोटे.. “भैया.. देखा ना चाची कैसे घूरती मुझे खाते देख के.” थोड़ा पहले चला जाऊं तो हाथ नचा के बोलती है.. अभी ना बना खाना.. चल […]

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Jungle Book : चिकचिक की पढ़ाई आई काम, वर्ना शेरसिंह का होता काम तमाम

कल रात से चंपकवन के राजा शेरसिंह का कुछ अता पता नहीं था। रानी शेरनी ने बताया कि शेरसिंह कल रात को यह देखने निकले थे कि जंगल में सब ठीक ठाक है कि नहीं। लेकिन तब से वे वापस नहीं लौटे। शेरसिंह रोज रात को सोने से पहले जंगल का एक चक्कर जरूर लगाते […]

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मानो या ना मानो : भैरव का आह्वान और प्रकटीकरण

गढ़वाल से होने के कारण ढोल दमाऊ हमारी संस्कृति की विशेषता है। देवी देवता आते हैं। मुझे कभी विश्वास नहीं रहा। कई हास्यास्पद कहानियां भी सुन रखी थीं और कई असली बात भी देख रखी थी। मानव शरीर है। आभास नहीं हुआ तो नहीं हुआ। अपने विदेशी कुछ मित्रो के साथ गाँव जा रखा था। […]

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थोड़ा सा रूमानी हो जाए : #NOTYOU नाना, ME TOO

कभी किसी ने आपको I love you कहा है?… कहा ही होगा… जवाब में आपने क्या कहा था? Me Too… बस सच इतना ही है… ये इसी सुन्दर प्राकृतिक नैसर्गिक प्रेम के स्वीकार Me Too का घृणित रूप है आधुनिक बालाओं का Me Too… अब एक बात और बताइये… जब भी आप सजती संवरती थी, […]

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मोहब्बत और अदा का संगम : प्यार ये जाने कैसा है

पहाड़ से नदी का उतरना, अटखेलियों के दस्तावेज पर स्पर्श की मोहर और मोहब्बत से अदा का संगम बस यही भाव उपजते हैं, जब भी मैं इस गीत में जैकी की बाहों से उर्मिला का फिसलना, और फिर उलझकर शर्माना देखती हूँ…. रंगीला… जवानी की दहलीज़ पर कदम रखते हुए जिसने भी यह फिल्म देखी […]

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मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं : अघोरी बाबा की गीता

जीवन को अपनी पूरी उन्मुक्तता से वही इंसान जी सकता है, जो उसके रहस्यों को जानता हो या उन रहस्यों की खोज में अग्रसर हो. यूं तो ये रहस्य हमारे चारों ओर खुले पड़े हैं, लेकिन इनको समझने के लिए, शुरुआती तौर पर हम हमारे ही द्वारा इजाद की गई वस्तुओं के उपयोग में सुविधा […]

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नवरात्रि : दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, 3 देवियों के 9 शक्तिशाली दिन

नवरात्रि ईश्वरत्व के स्त्री गुण यानी – दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की कृपा से जुड़ने का एक अवसर है। ये तीन देवियाँ अस्तित्व के तीन मूल गुणों – तमस, रजस और सत्व की प्रतीक हैं। तमस का अर्थ है जड़ता। रजस का गुण सक्रियता और जोश से जुड़ा है। और सत्व गुण, ज्ञान और बोध […]

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अकथ कहानी प्रेम की

दाड़िमवा खाना खाय के जाए रे! कास के गट्ठर को बुने जा रहे छप्पर के ऊपर फैलाते हुए सुन्नर महतो ने कहा। —————————————————————————————– (दाड़िम समूचे गावं का सेवक था कहते हैं पांच साल की उम्र में भटकते हुए यहां आ गया था जाने कहाँ से, तब से यह गाँव ही दाड़िम का घर परिवार है, […]

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आज की नायिका : जानती नहीं थी माहवारी, बेचती थी सेनेटरी नैपकिन

घर में सबसे बड़ी बेटी लेकिन उम्र केवल 13 साल, पिता की बीमारी से घर की ज़िम्मेदारी उसके नाज़ुक से कन्धों पर आ गयी. काम क्या करना है जानती नहीं थी. एक परिचित ने कहा सेल्सगर्ल बन जाओ, मैं दिलवाता हूँ काम, तो वो सेल्सगर्ल बन गयी. उसके हाथों में पकड़ा दिए गए सेनेटरी नैपकिन […]

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