नायिका – 7 : अरमान तमाम उम्र के सीने में दफ्न हैं, हम चलते-फिरते लोग मज़ारों से कम नहीं

बहरहाल तो जनाब यहाँ से शुरू होता है नायक का परिचय… ख़ुद नायक की ज़ुबानी… जी हाँ कहा ना मैंने…

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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

आज आपको आँखों सुनी और कानों देखी बात बताने जा रहा हूँ। जी हाँ! आपने सही देखा। अगर सुनने का…

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मानो या ना मानो : ऊपरी हवा का टोना और अंतर की आस्था का जादू

आज आपबीती लिखने जा रहा हूँ। कुछ ऐसी घटनाएं जो जीवन में सबक बन कर आती हैं और आप किंकर्तव्यविमूढ…

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यह सुरेंद्र मोहन पाठक के लिए खतरे की घंटी है…

मैं किशोरावस्था में तथाकथित लुगदी साहित्य का बड़ा प्रेमी था। हां, हमलोग उसे जासूसी नॉवेल कहते थे। सुरेंद्र मोहन पाठक,…

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#AskAmma : प्रेम में देह की भूमिका और SEX की कामना

मुझसे जुड़ें मित्रगण अलग अलग अवसरों पर अलग अलग लेख पर या इनबॉक्स में कुछ व्यक्तिगत तो कुछ सामान्य प्रश्न…

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